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साहवा के सामुदायिक भवन पर लाखों खर्च फिर भी निर्माण अधूरा

कस्बे के बाबा रामदेव मेला मैदान के पास ग्राम पंचायत अपना काम अपना गांव योजना के तहत 30 प्रतिशत जन सहभागिता से स्वीकृत हुए 10 लाख 25 हजार रुपए की लागत वाला सार्वजनिक सामुदायिक भवन का निर्माण ग्राम पंचायत साहवा की अनदेखी के चलते गत 22 वर्षों से अधरझूल में पड़ा है

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साहवा के सामुदायिक भवन पर लाखों खर्च फिर भी निर्माण अधूरा

साहवा में जर्जर अवस्था में सामुदायिक भवन

रामकुमार सिहाग
साहवा. कस्बे के बाबा रामदेव मेला मैदान के पास ग्राम पंचायत अपना काम अपना गांव योजना के तहत 30 प्रतिशत जन सहभागिता से स्वीकृत हुए 10 लाख 25 हजार रुपए की लागत वाला सार्वजनिक सामुदायिक भवन का निर्माण ग्राम पंचायत साहवा की अनदेखी के चलते गत 22 वर्षों से अधरझूल में पड़ा अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। 1997 में ग्राम पंचायत साहवा के प्रस्ताव अनुसार 30 प्रतिशत जन सहभागिता से अपना गंाव अपना काम योजना के तहत एक सार्वजनिक सामुदायिक का प्रस्ताव लिया गया था।तत्कालीन सरपंच नारायणी देवी ने सार्वजनिक हित में सार्वजनिक सामुदायिक भवन ग्राम पंचायत साहवा के नाम से 1824 वर्ग गज का एक निशुल्क पट्टा जारी किया। प्रस्तावित निर्माण कार्य की अनुमानित लागत के अनुसार योजनान्तर्गत 30 प्रतिशत के हिसाब से 3.165 लाख रुपए जन सहभागिता राशि उपलब्ध करवाने की सहमति देते हुए कुछ राशि ग्राम पंचायत साहवा ने जिला ग्रामीण विकास अभिकरण चूरू कार्यालय में नकद जमा करवाकर शेष जनसहयोग राशि पेटे कार्य स्थल पर निर्माण सामग्री उपलब्ध करवा दी गई। इस पर ग्राम पंचायत साहवा के मार्फत मिले प्रस्ताव को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण चूरू ने विशिष्ठ योजनाएं एंव एकीकृत ग्रामीण विकास विभाग जयपुर को भेजा गया था।

उप शासन सचिव ने जारी की स्वीकृति
विभाग के उप शासन सचिव ने 30 जून 1997 को 10.25 लाख की स्वीकृति जारी कर ग्राम पंचायत के प्रस्ताव तथा रामस्वरूप सोनी, अध्यक्ष स्वर्णकार सामूदायिक विकास समिति साहवा के शपथ पत्र के उक्त अनुुसार सार्वजनिक सामूदायिक भवन का निर्माण कार्य स्वर्णकार सामुदायिक विकास समिति साहवा को सौंप दिया। उनकी ओर से करवाए गए निर्माण के पेटे समिति ने समय समय पर भुगतान भी प्राप्त कर लिया ।

जताया विरोध
इसी बीच निर्माण स्थल पर निर्माण समिति की ओर से सामुदायिक भवन के सामने एक व्यक्तिगत धर्मशाला का बोर्ड लगाए जाने का विरोध जताते हुए गांव के कुछ जागरूक लोगों ने विरोध करते हुए तत्कालीन सरपंच व निर्माण समिति के पदाधिकारियों पर फर्जीवाड़े के आरोप लगाते हुए शिकायतें शुरू कर दी। मामला कलेक्टर तक पहुंच गया जिस पर तत्कालीन कलेक्टर शिवजीराम प्रतिहार ने शिकायतकर्ताओं तथा ग्राम पंचायत व निर्माण कमेटी के पदाधिकारियों को सुनते हुए 30 सितम्बर 1999 में अपना निर्णय सुनाते हुए मौके पर लगा व्यक्तिगत धर्मशाला का बोर्ड तुरन्त हटवाकर निर्माण समिति द्वारा निर्माण कार्य पर खर्च की गई राशि का मूल्यांकन करवाने तथा विवादित भूमि का नियमानुसार राज्य सरकार से शीघ्र अनुमोदन करवाने के आदेश दिए थे।

पांच सरपंच बदले
ताकि सरकारी योजना में निर्मित इस सामुदायिक भवन उपयोग सभी जाती व धर्म के लोगों के लिए किया जा सके। यह सब होने के बाद भी 1999 से आज तक नारायणी देवी से लेकर वर्तमान सरपंच ममता सिहाग तक कुल पांच योजनाओं के तहत 5 सरपंच रह चुके हैं मगर अपने वोट बैंक के भय से किसी ने भी निर्माण समिति के अध्यक्ष से सवा दस लाख रुपए खर्च होने के बाद भी अधुरे पड़े इस सार्वजनिक हितार्थ बनवाये गए सामुदायिक भवन की सुध नहीं ली। जिसके विरूद्ध में इस 9 जुलाई को ग्राम साहवा में जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने उपखण्ड अधिकारी तारानगर को एक लिखित शिकायत कर इस अधुरे पड़े भवन को पूर्ण करवाने तथा कब्जा छुड़वाने की मांग की थी जिस पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस संबंध में तारानगर के विकास अधिकारी अजीसिंह ने बताया कि यह मामला वर्षों पुराना है जिस पर पंचायत कलेक्टर के आदेशों पर तुरन्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। फिर भी अब इस मामले में जो भी जरूरी है वह कार्रवाई की जाएगी।

इनका कहना है

&अपना गांव अपना काम योजनान्तर्गत स्वीकृत हुए सवा दस लाख की लागत के इस सामूदायिक भवन को सरकार को जल्दी पूरा करवाना चाहिऐ ताकि ग्रामीण इसका उपयोग कर सकें।
रघुवीर पारीक, अध्यक्ष भाजयुमो साहवा।

&साहवा के बाबा रामदेव मन्दिर के पास वर्षों से अधूरा पड़ा सामूदायिक भवन के निर्माण पर हुए खर्चे की जांच कर निर्माण समिति से बकाया राशि की वसूली कर इसका निर्माण सरकार को शिध्र करवाना चाहिए।
रूपराम गोदारा, वार्डवासी साहवा।


&सरकार की 70-30 योजना में करीब 20-22 वर्ष पहले बनाकर अधूरे छोडे गये इस भवन को ग्राम पंचायत को अपने कब्जे में लेकर सार्वजनिक तौर पर काम में लेने के लिए वार्ड या ग्राम स्तर पर देखरेख कमेटी बना कर उसे सौंपना।
कृष्णकुमार गौड़, वार्ड 5 साहवा।
&तत्कालीन सरपंच नारायणी देवी के कार्यकाल में स्वीकृत करवाये गये इस सामूदायिक भवन का निर्माण एक स्वंय सेवी समिति के माध्यम से करवाया जाना था। जो अभी तक अधूरा पड़ा है।
संजय सिहाग, साहवा