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केन्द्र में मंत्री व सांसद लेकिन नोखा-सीकर रेल लाइन को नहीं मिली मंजूरी

केन्द्र सरकार में भागीदारी निभा रहे हमारे माननीयों की अनदेखी के कारण नोखा-सीकर रेल लाइन का काम अटके होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2009-10 में नोखा-सीकर रेल लाइन के पूर्व में हुए सर्वे को अपडेट करने की स्वीकृति जारी की गई थी।

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केन्द्र में मंत्री व सांसद लेकिन नोखा-सीकर रेल लाइन को नहीं मिली मंजूरी

चूरू. केन्द्र सरकार में भागीदारी निभा रहे हमारे माननीयों की अनदेखी के कारण नोखा-सीकर रेल लाइन का काम अटके होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2009-10 में नोखा-सीकर रेल लाइन के पूर्व में हुए सर्वे को अपडेट करने की स्वीकृति जारी की गई थी। इस पर उत्तर पश्चिम रेलवे ने सर्वे को अपडेट किया। जिसकी रिपोर्ट 12 मार्च 2012 को रेलवे बोर्ड को भेजी गई। रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित रेल लाइन की लंबाई 209 किलोमीटर तय की गई थी। इतने लंबे ट्रेक पर 819.11 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान रेलवे की ओर से लगाया गया। रेलवे बोर्ड ने 17 मई 2012 को इस प्रोजेक्ट को स्वीकृति के लिए योजना आयोग को भेजा लेकिन राजनीतिक उदासीनता के चलते ये प्रोजेक्ट आज तक स्वीकृत नहीं किया जा सका है।

ये जिले होंगे लाभान्वित
यदि रेल मंत्रालय की ओर से नोखा-सीकर रेल लाइन को स्वीकृति मिलने पर बीकानेर, नागौर, लाडनूं, नोखा, श्रीडूंगरगढ़, चूरू जिले के बीदासर, सुजानगढ़, सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ को सीधा लाभ होगा।

...तो सफर होगा आसान
केन्द्र सरकार की ओर से इस मार्ग पर काम शुरू किया जाता है तो रेल सुविधाओं से वंचित नोखा के हिमटसर, काकड़ा, जसरासर आदि कस्बों के लोगों को सुविधा मिल सकेगी। साथ ही सांडवा, कातर, बीदासर निवासियों का सफर आसान होगा और आने-जाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

मुकाम व सालासर धाम भी जुड़ेंगे
विश्नोई समाज के प्रमुख आस्था केन्द्र मुकाम और सुजानगढ़ तहसील के बालाजी धाम सालासर भी इस रेल मार्ग से जुड़ जाएगा।जिसका लाभ भी क्षेत्र के लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा।

बढ़ेगा माल का लदान
नोखा-सीकर रेल लाइन का क्षेत्र कृषि जिंसों में अग्रणी है। रेल लाइन बनने पर कृषि जिंसों का लदान बढ़ेगा। इसका फायदा नोखा के सोमलसर से लेकर जसरासर और चूरू जिले के कातर से लेकर गोपालपुरा तक के किसानों व व्यापारियों को रेल का सीधा फायदा होगा। यही नहीं नागौर व सीकर क्षेत्र के किसान व व्यापारी भी इससे लाभान्वित हो सकेंगे।

प्रदेश से दो सांसद केन्द्र में मंत्री फिर भी ये हाल
केन्द्र सरकार में प्रदेश के दो सांसद मंत्री हैं। जिसमें बीकानेर सांसद अर्जुनराम मेघवाल वित्त राज्य मंत्री है और नागौर सांसद सीआर चौधरी भी मंत्री हैं। लेकिन इसके बावजूद जनता नोखा-सीकर रेल लाइन का वर्षों से इंतजार कर रही है। इस तरह 18 नए ब्लॉक स्टेशन तथा जसवंतगढ़ में हाल्ट स्टेशन बनाना प्रस्तावित है।

यहां प्रस्तावित स्टेशन
नाम नोखा से दूरी
नोखा 0.000
सोमलसर 7.750
हिमटसर 19.500
झाड़ेली 33.500
जसरासर 40.850
कातर 51.950
इंयारा 62.850
बम्बू 70.100
भोमपुरा 90.750
गोपालपुरा 101.950
सुजानगढ 114.024
जसवंतगढ़ 119.312
लाडनूं 123.908
कसुंबी 135.000
तंवरा 145.000
सालासर 156 .200
जोवाली 166.200
काछवा 176.850
बिजयपुरा 186.000
किरडोली 196.700
सबलपुरा 203.000
सीकर 209.615

इनका कहना
बजट के अभाव में नोखा-सीकर रेल लाइन की यह योजना अटकी है। सांसद अर्जुनराम मेघवाल के वित्त राज्य मंत्री हैं। वे प्रयास करे तो यह कार्य शीघ्र शुरू हो सकता है।
अनिल कुमार खटेड़, पूर्व सदस्य उत्तर पश्चिम रेलवे सलाहकार समिति