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मेरा शहर मेरा मुद : नाली बनी नासूर: समाधान गायब, रास्ते पर लगा ताला

नगर परिषद के समक्ष जहां गंदे पानी की निकासी करना चुनौती बना हुआ है वहीं आमजन के लिए पीड़ादायक। वह इसलिए कि वार्ड नंबर 34, 35, 36 सहित कई कॉलोनियों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बंद हो गया है।

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चूरू. अभी मानसून आया ही नहीं, बारिश हुई ही नहीं फिर भी शहर के कई क्षेत्रों में गंदे पानी की निकासी की समस्या इतनी गहरा गई है कि समाधान तो दूर एक स्थाई नासूर बन गया है। नगर परिषद के समक्ष जहां गंदे पानी की निकासी करना चुनौती बना हुआ है वहीं आमजन के लिए पीड़ादायक। वह इसलिए कि वार्ड नंबर 34, 35, 36 सहित कई कॉलोनियों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बंद हो गया है।

गंदे पानी से होकर गुजरती है महिलाएं
मुख्य स्टेशन मार्ग से पांच वार्ड और कॉलोनियों से जुडे मुख्य रास्ते की हालत इतनी खस्ता है कि आए दिन यहां एकत्रित होनेवाले गंदे पानी से क्या महिलाएं क्या बच्चे सभी को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। हालांकि नगर परिषद प्रशासन की ओर से कई बार प्रयास किए गए लेेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश के दिनों में तो मार्ग बंद हो ही जाता है और बिना बारिश के भी यह मार्ग प्राय बंद रहने लगा है। इस प्रवेश द्वार पर बेतरतीब फैरा कवर लगाकर पेंबद लगाया गया है तो दुर्घटना का कारण बन रहा है। एक ओर गंदा पानी दूसरी ओर चैंबर पर पेबंद लगाकर इसे दुर्गम मार्ग बना दिया गया है।

ड्रनेज में भरा कचरा
खेमका शक्ति मंदिर की ओर जानेवाले इस मार्ग को वर्षों पहल ड्रनेज से जोड़ा गया था जो आज बंद है। ड्रनेज लाइन कचरे भर गई है जिसकी सफाई करना कठिन है। क्यों नालियों में प्लास्टिक की थेलिया, पुराने कपड़े और टूटी चपले तक बहती हैं, कचरा नालियों में अटक जाता है जिससे गंदा पानी मार्ग को रोकता है। यहां रहनेवाले लोगों का कहना है कि कचरा एक समस्या है लेकिन इस समस्या से जब परिषद को अवगत करवाया जाता है तो वे इसे शिकायत मानते हैं न कि समस्या। वार्ड के लोगों का कहना परिषद शिकायत नहीं मानकर समस्या का समाधान करें।

बाजार हुआ प्रभावित
यहां अनेक बैंक है, बाजार है लेकिन इस गंदेपानी के एकत्रित होने से बाजार प्रभावित हो रहा है। जगदीश अग्रवाल कहते हैं कि नाली कोई आज की नहीं है, पहले तो यह समस्या नहीं थी लेकिन अब इसलिए हो गई है कि लंबे-चौड़े क्षेत्र को यहां के नाले नालियां जोड़ दी गई हैं। नालों की इतनी क्षमता नहीं है और गंदा पानी क्षमता से अधिक आ रहा है। ऊपर से कचरे की समस्या। यहां के दुकानदार कहते हैं कि यदि गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विकसित हो रहा बाजार फ्लाॅप हो जाएगा।

करेंगे समाधान
नगर परिषद आयुक्त अभिलाषा सिंह का कहना है कि समस्या तो गंभीर है ही लेकिन इसके समाधान का प्रयास भी किया जा रहा है। शहर में जहां भी गंदे पानी की निकासी की समस्या है वहां चैंबर आदि बनवाकर कार्य करवाएं जा रहे है। आनेवाले एक पखवाड़े में गंदे पानी की समस्या वाले क्षेत्रों में समाधान हो जाए यह प्रयास किए जा रहे हैं।

कचरे के कारण समस्या
नगर परिषद की अधिशासी अभियंता पूर्णिमा यादव का कहना है कि कचरा डालने से नालियां रुक जाती है जिससे पानी ओवरफ्लो होकर मार्ग में एकत्रित हो जाता है। समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।