
प्रतीकात्मक तस्वीर-पत्रिका
चूरू। पारिवारिक कलह ने जन्म लेते ही मासूम की दुनिया छीन ली। रात को जन्म हुआ और किसी अपने ने ही गला घोंटकर नवजात को मौत के घाट उतार दिया। वाकया चूरू जिला मुख्यालय स्थित भरतिया अस्पताल का है। मामले के खुलासे को लेकर पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, राजकीय भरतिया अस्पताल में अजीतसर निवासी गुड्डी देवी (40) ने गुरुवार देर रात सामान्य प्रसव में स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया था। प्रसव के बाद मां और बच्चे दोनों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। रातभर सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन सुबह करीब पांच बजे नवजात का मामा उसे अचेत अवस्था में एनआईसीयू वार्ड में लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्राथमिक जांच में नवजात के गले पर निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका है। यह सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया और प्रसूता, परिजन व अस्पताल कर्मियों से पूछताछ शुरू की है।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. एमएम पुकार ने बताया कि नवजात के गले पर निशान हैं, जिससे गला घोंटे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रसूता गुड्डी देवी के इस प्रसव से पहले चार संतानें हैं। प्रसव के दौरान पति उसके साथ नहीं था। पूछताछ में पति से अनबन की बात सामने आई है। साथ ही पति बीमार होना भी बताया गया है। प्रथम दृष्टया पति-पत्नी की अनबन को ही शिशु की हत्या का कारण माना जा रहा है।
प्रसव सामान्य हुआ था और नवजात भी स्वस्थ था। सुबह जब उसे एनआईसीयू में ले जाया गया तो उसके गले पर निशान मिले थे। इसी आधार पर अस्पताल प्रशासन ने हत्या की आशंका जताई है। -जय यादव, पुलिस अधीक्षक
Updated on:
08 Nov 2025 06:10 am
Published on:
08 Nov 2025 06:10 am
