
औषधीय गुणों से भरपूर है निम्बोली
सुजानगढ़. कोरोना महामारी की दूसरी लहर में जब ऑक्सीजन की कमी से सांसों की डोर टूटने लगी तो लोगों को प्रकृति के जर्रे-जर्रे में मौजूद प्राणवायु की कीमत समझ आई। जिससे लोगो का पेड़-पौधो के प्रति लगाव बढ़ा। हम बात कर रहे हैं सुजानगढ़ कस्बे सहित आसपास की गांव व ढ़ाणियों की, जहां पर घर-घर में नीम के पेेड़ हैं। जानकारी के अनुसार नीम का पेड़ वातावरण को शुद्ध बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। नीम की पत्ती एक घंटे में 5 एमएम ऑक्सीजन पैदा करती है। इसकी हर चीज फायदेमंद है, चाहे वह पत्ती हो, छाल, या फिर निम्बोली। प्राचीनकाल में हमारे ऋषि-मुनियो ने नीम को अलौकिक गुणो से युक्त व स्वास्थ्य के लिए उत्तम औषधि बताया है। ग्रामीण क्षेत्र में नीम की निम्बोली छोटे आम से फेमस है। यहां के लोग इसे चाव से खाते हैं खासकर छोटे बच्चे। ये मीठे स्वाद से भरपूर और स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। नीम के पेड़ औषधीय गुणों के साथ धार्मिक महत्व भी रखते हैं। कहा जाता है कि गुर्जर जाति के लोग आज भी नीम के पेड़ की लकड़ी को ईधन के रूप में काम नहीं लेते। वे नीम में नारायण भगवान का वास मानते है।
कर सकते हैं कमाई
ग्रामीण चाहे तो निम्बोली से अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। बाजार में निम्बोली के भाव 50 से 100 रुपए प्रति किलो है। गांवों में बारिश के मौसम में निम्बोली पानी के साथ व्यर्थ बह जाती है। ऐसे में किसान इन्हे एकत्रित करके घर बैठे कमाई कर सकते हैं।
अनेक बीमारियों में लाभदायक
आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के अनुसार निम्बोली पेट की बीमारियों में अधिक फायदेमंद है। इसमें कई विटामिन एवं प्रोटीन मौजूद है। निम्बोली पायस, फंगल इन्फेक्शन, चर्म रोग एवं मधुमेह, कुष्ठ जैसे रोगो में अत्यन्त लाभकारी है। नीम रक्तरोधक है, जो रक्त सम्बन्धी जैसे दाद, खाज, ख्ुाजली, फोड़ा-फुंसी जैसी बीमारियों को ठीक कर खून साफ करता है।
इनका-कहना
&नीम बहुउपयोगी है। यह रक्तदोष, एन्टीबाईटिक, एन्टीसेप्टिक, पेट बीमारी में लाभकारी है। इसके पत्तों को उबालकर स्नान करने से अनेक विकार दूर होते हंै। सुबह 5-6 कच्चे पते व काली मिर्च खाली पेट सेवन से ज्वर का नाश होता है।
वैद्य घेवरचन्द गुर्जर, अध्यक्ष तहसील वैद्य सभा सुजानगढ़।
&पित्त जनित विकारों में नीम का उपयोग बहुत गुणकारी है। नीम की निम्बोली का तेल निकालकर शरीर पर लगाने से रक्त विकार जैसी बीमारियों का समन होता है। सोरायसिस जैसी गम्भीर बीमारियों का भी इलाज सम्भव है।
वैद्य महेश मिश्रा, प्रभारी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सालासर।
Published on:
05 Jul 2021 09:57 am
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