
तन ढकने को पर्याप्त कपड़े नहीं, खाने के लाले
सरदारशहर. सरकार गरीबों के उत्थान के लिए भले ही तमाम तरह की योजनाएं चला रही है, लेकिन हकीकत यह है कि लालफीताशाही की वजह से गरीबों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। सरदारशहर के वार्ड नं. 40 निवासी अचुकी देवी की मानसिक स्थिति सही नहीं है। उसके 3 पुत्रों में से दो की मौत हो गई, एक बेटा बचा है। वह भी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। बरसों से अचुकी देवी नहाई तक नहीं है। ना ही तन ढकने के लिए पर्याप्त कपड़े हैं और ना ही खाने को कुछ है। अचुकी देवी को कोई सरकारी मदद भी नहीं मिली है। कोई पेंशन चालू बी नहीं हुई है।
मोनू सहायता के लिए आया आगे
सामाजिक कार्यकर्ता मोनू मिश्रा की टीम ने उनके घर की साफ-सफाई की, राशन पानी की भी व्यवस्था की गई। मिश्रा ने बताया कि सर्दी के मौसम में महिला के पास एक रजाई है। आस-पड़ौस के लोगों ने बताया कि अचुकी देवी की बहू उसे परेशान करती है, क्योंकि वह उसकी जमीन हड़पना चाहती है। यदि कोई मदद भी करना चाहे तो भी विरोध करती है। उसकी बहू दिल्ली में रहती है जो कभी-कभी यहां आती है। बहू ने शौचालय में भी ताला लगा रखा। इसके चलते उन्हें घर के अंदर खुले में ही यहां वहां शौच करना पड़ रहा है।
बिजली का कनेक्शन तक नहीं
अचुकी देवी के घर में बिजली कनेक्शन नहीं है। रात के अंधेरे में ही वह अपना जीवन यापन कर रही है। घर पर गैस कनेक्शन नहीं होने की वजह से उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसी तरह जैसे-तैसे चूल्हा जलाकर जीवन बसर करती है। अचुकी देवी घर में आने वालों से हाथ जोड़कर बस दो वक्त का खाना मांगती हैं, उन्हें ठीक से वो भी नसीब नहीं है।
Published on:
04 Dec 2020 10:31 am
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