
शनि जयंती 19 को, इस दिन बन रहे कई खास संयोग
चूरू. शनि जयंती इस बार 19 मई यानी शुक्रवार को मनाई जाएगी। शनि जयंती ज्येष्ठ अमावस्या के कृष्ण पक्ष के दिन मनाई जाती है। इस दिन ज्येष्ठ अमावस्या और वट सावित्री व्रत का त्योहार भी मनाया जाएगा। ये तीनों ही त्योहार एक ही दिन में पड़ रहे हैं। शनि जयंती का अर्थ है शनिदेव का जन्मदिवस। सूर्य के पुत्र शनिदेव देवों के न्यायधीश, कर्मफलदाता और दंडधिकारी भी हैं। इस बार की शनि जयंती बेहद खास मानी जा रही है। शनि जयंती के दिन इस बार शोभन योग का निर्माण होने जा रहा है। यह शोभन योग 18 मई को शाम 07 बजकर 37 मिनट से लेकर 19 मई को शाम 06 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।
वहीं, शनि जयंती के दिन चंद्रमा गुरु के साथ मेष राशि में विराजमान होंगे, इससे गजकेसरी योग का निर्माण होगा। शनि अपनी कुंभ राशि में विराजमान होकर शशयोग का निर्माण करेंगे।शनि जयंती पूजन विधिशास्त्रों के अनुसार, शनि जयंती पर शनिदेव की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। इस दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर लें। शनिदेव की मूर्ति पर तेल, फूल माला और प्रसाद अर्पित करें। उनके चरणों में काले उड़द और तिल चढ़ाएं। इसके बाद तेल का दीपक जलाकर शनि चालीसा का पाठ करें। शनि जयंती के दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना बेहद शुभ फल देता है। माना जाता है कि इस दिन दान आदि करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, शनिदेव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार उसकी सजा तय करते हैं।
19 मई को ही वट सावित्री व्रत मनाया जाएगा। मुख्य रूप से इस पर्व को सुहागिन महिलाओं द्वारा किया जाता है। गृहस्थ आश्रम में वट सावित्री व्रत का बहुत महत्व होता है। सुखी वैवाहिक जीवन और पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत को लेकर उपवास रखती हैं। साथ ही व्रती महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं और पेड़ की परिक्रमा करते हुए उसके चारों ओर कलावा बांधती हैं।
शनि जयंती के दिन इस उपाय से महादशा से मिलेगी मुक्ति
शनि जयंती के दिन शनिदेव को उड़द दाल के लड्डू का भोग, तेल और लोहे की वस्तु का दान, काले कपड़े, काले तिल, छाता आदि का दान करना चाहिए। साथ ही गरीबों व जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। ऐसा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिलती है और आर्थिक समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। लेकिन ध्यान रहे कि शनि जयंती के दिन लोहे की खरीदारी ना करें। दान के लिए पहले ही लोह से संबंधित चीजें खरीद लें।
यह रहेगा मुहूर्त
शनि जंयती - 19 मई 2023
अमावस्या तिथि प्रारंभ - मई 18, 2023 को रात 09 बजकर 42 मिनट से
अमावस्या तिथि समाप्त - मई 19, 2023 को रात 09 बजकर 22 मिनट तक ।
Published on:
18 May 2023 10:27 am
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