चूरू. वर्तमान समय में लोगों को न्याय दिलाने के लिए सरकार की ओर से न्याय आपके द्वार, प्रशासन आपके द्वार जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। ताकि लोगों को न्याय व अटके कामों के लिए शहरों व कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पडे। लेकिन तत्कालीन राजा-महाराजों ने यह व्यवस्था काफी सालों पहले ही शुरू कर दी थी। तत्कालीन शासक समय-समय पर गांव-ढाणियों में पहुंचकर आमजन की फरियादों को सुना करते थे। चूरू में भी राय बहादुर सेठ भगवानदास बागला की हवेली में तत्कालीन समय में अदालत लगा करती थी, जहां पर बीकानेर के तत्कालीन शासक आकर लोगों की फरियाद सुनकर फैसला किया करते थे।