30 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पत्नी की याद को जिंदा रखने के लिए 51 लाख देकर बना दी पीएचसी

कोलकाता में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करने वाले एक व्यक्ति ने अपनों के बीच पत्नी की याद को ताजा रखने के लिए 5१ लाख रुपए देकर लोगों के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई है।
2 min read
Google source verification
churu news

पत्नी की याद को जिंदा रखने के लिए 51 लाख देकर बना दी पीएचसी

चूरू. अपने शहर से करीब 1800 किमी दूर कोलकाता में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करने वाले एक व्यक्ति ने अपनों के बीच पत्नी की याद को ताजा रखने के लिए 5१ लाख रुपए देकर लोगों के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई है। सुजानगढ़ शहर के रहने वाले दानदाता अब्दुल करीम खींची कोलकाता में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं। तीन वर्ष पहले उनकी पत्नी की हृदयघात से मृत्यु हो गई। करीम खींची ने पत्नी की याद जिंदा रखने के लिए अपने शहर में अलग करने की ठानी।
इसी के तहत उसने चिकित्सा विभाग से सम्पर्क कर राजकीय चिकित्सा संस्थान खोलने की इच्छा जाहिर की। इस पर विभाग ने सुजानगढ़ कस्बे में शहरी स्वास्थ्य केन्द्र खोलने के लिए प्रस्ताव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य निदेशालय को भिजवाया। प्रस्ताव पर लंबी चर्चा के बाद तय हुआ कि करीम ंखींची स्वास्थ्य केन्द्र के लिए भवन के साथ 51 प्रतिशत निर्माण राशि उपलब्ध करवाएंगे।

51 लाख खर्च कर बना दिया भवन
करीम खींची ने सरकार के प्रस्ताव को मानकर भवन के लिए चार हजार वर्ग गज जमीन अपने हिस्से की स्वास्थ्य केन्द्र के लिए दी। बाद में निर्माण के लिए करीब 31 लाख से अधिक राशि भी दी। स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण की स्वीकृति मिलने के साथ त्वरित कार्य हुआ। जिससे जल्द ही भवन बनकर तैयार हो गया। रविवार को न्यामत अब्दुल करीम खींची राजकीय शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उद्घाटन के दौरान करीम की

आंखों में आंसू झलक
पड़े। पत्नी की इच्छा को मूर्तरूप में देखते हुए करीम ने बताया कि यह भवन पत्नी की अंतिम इच्छा के रूप में था। अब आने वालों को यहां उपचार मिलेगा।

लोगों ने की सराहना
करीम खींची की ओर से निस्वार्थ भाव से लोगों के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर किए गए इस अनुकरणीय कार्य के लिए क्षेत्र के लोगों ने सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सकारात्मक सोच यदि हर व्यक्ति करने लगे तो आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं का स्वरूप ही कुछ और नजर आने लग जाएगा। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कुछ न कुछ ऐसे कार्य करते रहना चाहिए ताकि अन्य लोगों को भी इसकी प्रेरणा मिल सके।