
विभाग की तैयारी नाकाफी, चालकों की व्यवस्था करना मुश्किल
चूरू. वेतन वृद्धि व आठ घंटे ड्यूटी निर्धारित करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर108, 104 तथा बेस एंबुलेंस के ईएमटी व पायलटों ने मंगलवार को सामूहिक हड़ताल शुरू कर दी।
इस कारण जिले में आपातकालीन एकीकृत एंबुलेस सेवा पूरी तरह से ठप हो गई। वहीं घायलों व प्रसूताओं को अस्पतालों में पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। जिले में कुल ४७ एंबुलेंस हैं। इनका संचालन जीवीकेईएमआरआई कम्पनी की ओर से किया जा रहा है।
पांच साल बाद भी लागू नहीं किया समझौता
पायलटों व ईएमटी का कहना है कि १०८ एंबुलेंसकर्मी यूनियन की ओर से २०१३ में हड़ताल की गई थी। उस दौरान एंबुलेंस सेवा का संचालन कर रही कम्पनी के अधिकारियों ने प्रतिवर्ष १० प्रतिशत वेतन वृद्धि करने की सहमति जताई थी।
इसके बाद चालकों ने हड़ताल समाप्त कर दी। लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी कम्पनी ने उक्त समझौते को लागू नहीं किया। इसके अलावा चालकों से अवैध ट्रवेल दिखाने के लिए स्थानांतरण का भय दिखाया जा रहा है। इसके कारण चालकों व ईएमटी कार्मिकों में कम्पनी के प्रति आक्रोश बढ़ गया और हड़ताल में तब्दील हो गई।
चिकित्सा विभाग की तैयारी नाकाफी
चालकों ने पहले से ही हड़ताल की चेतावनी दी थी। लेकिन चिकित्सा विभाग ने इससे निपटने के लिए तैयारी में ढिलाई बरती।
हालांकि सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्स अधिकारियों को सरकारी चालकों से एंबुलेंसों का संचालन करवाने का आदेश दिया गया था। कुछ अधिकारी आदेश देकर बैठ गए कुछ ने तो देखा तक नहीं। नतीजा एंबुलेंसों का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया।
राजगढ़ में चार १०८ एंबुलेंस व तीन १०४ एंबुलेंस हैं। उक्त की चाबी ले ली गई है। चालकों की व्यवस्था की जा रही है।
इनका संचालन करने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया के तहत प्रयास जारी है। :- डा. हरकेश बुडानिया, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, राजगढ़
जिले में संचालित एकीकृत एंबुलेंसों के सुचारू संचालन के लिए सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं। सरकारी चालकों से एंबुलेंसों का संचालन कराने को कहा है। संचालन के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। सरकारी सेवा में चालकों की कमी होने से समस्या आ रही है।
डा. मनोज शर्मा, सीएमएचओ, चूरू
Updated on:
21 Mar 2018 12:06 am
Published on:
20 Mar 2018 11:26 pm
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