8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Diwali News : दीपावली पर रात्रि 10 बजे से सवेरे 6 बजे तक पटाखों पर रहेगा प्रतिबंध, आदेश जारी

Diwali News : दीपावली पर्व पर रात्रि 10 बजे से सवेरे 6 बजे तक ध्वनि प्रदूषण करने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। चूरू के जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक सुराणा ने आदेश जारी किया है।

4 min read
Google source verification
Rajasthan Churu There will be a Ban on Firecrackers from 10 PM to 6 AM on Diwali Order Issued

File Photo

Diwali News : राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के निर्देशानुसार चूरू के जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक सुराणा ने आदेश जारी कर दीपावली पर्व पर रात्रि 10 बजे से सवेरे 6 बजे तक ध्वनि प्रदूषण करने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है। जिला कलक्टर सुराणा ने बताया कि दीपावली पर्व के अवसर पर जिले में नागरिक रात्रि काल में पटाखे व आतिशबाजी करते हैं। जिसके कारण होने वाले ध्वनि प्रदूषण व वायु प्रदूषण को रोकने के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों के अन्तर्गत रात्रि 10 बजे से सवेरे 6 बजे तक ध्वनि प्रदूषण करने वाले पटाखों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय व राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण, भोपाल द्वारा खतरनाक पटाखों का उपयोग नहीं करने व पटाखों से उत्पन्न ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्देश पारित किया हैं। साथ ही सभी जिला मजिस्ट्रेट एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट को ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण उपायों एवं ध्वनि के परिपेक्ष्य में परिवेशी वायु गुणवत्ता की पालना कराने के लिए प्राधिकारी घोषित किया गया है।

एनसीआर क्षेत्र में आतिशबाजी बेचने व चलाने पर रहेगा प्रतिबन्ध

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक सुराणा ने बताया कि गृह विभाग द्वारा जारी आदेशानुसार एनसीआर क्षेत्र में आतिशबाजी को बेचने व चलाने पर प्रतिबन्ध रहेगा। एनसीआर क्षेत्र को छोड़ते हुए सम्पूर्ण राजस्थान में केवल ग्रीन आतिशबाजी के बेचने की अनुमति है। ग्रीन आतिशबाजी की पहचान प्रत्येक आतिशबाजी के बॉक्स पर नीरी द्वारा किए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके की जा सकती है। उन्होंने बताया कि एयर क्वालिटी इंडेक्स “पुअर” या उससे खराब वाले शहरों में आतिशबाजी चलाने पर रोक रहेगी। एयर क्वालिटी इंडेक्स आम जन एवं प्रवर्तन एजेंसी द्वारा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट से ज्ञात की जा सकती है।

यह भी पढ़ें :Schools Holiday : प्रदेश के सरकारी स्कूलों में आज से छुट्टी शुरू, जानें कब खुलेंगे

दूसरे नागरिक के स्वास्थ्य को प्रभावित करने का अधिकार नहीं

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक सुराणा ने बताया कि पटाखों एवं आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार किसी भी व्यक्ति को त्यौहार के नाम पर प्रतिबंधित पटाखे चलाकर किसी दूसरे नागरिक के स्वास्थ्य को प्रभावित करने का अधिकार नहीं है। किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं है कि वह दूसरों के जीवन/स्वास्थ्य को खतरे में डाले। विशेषकर बुजुर्ग एवं बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती है।

यह भी पढ़ें :RPSC ने EO/RO भर्ती परीक्षा 2022 की नई डेट जारी की, 23 मार्च को होगी दोबारा परीक्षा

पटाखों की ऑनलाइन बिक्री पर कानूनी कार्यवाही

जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक सुराणा ने आगे बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार बेरियम सॉल्ट जैसे प्रतिबंधित केमिकल वाले पटाखों पर प्रतिबंध है। ऎसे प्रतिबंधित पटाखों का उत्पादन, परिवहन, बिक्री एवं उपयोग पर पाबंदी रहेगी। अवैध एवं प्रतिबंधित केमिकल पटाखों के इस्तेमाल पर भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। सभी प्रकार के पटाखों की ऑनलाइन बिक्री करने पर भी कानूनी कार्यवाही होगी। ग्रीन पटाखों की आड़ में प्रतिबंधित रसायनों से बने पटाखों का निर्माण कर गलत लेबल चिपकाकर बिक्री एवं उपयोग किया जाता है। पैकेट पर क्यूआर कोड के लेबल में भी धोखाधड़ी की जाती है। इस अवहेलना/लापरवाही को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा तथा जिम्मेदार एजेंसियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

यह भी पढ़ें :मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना पर नया अपडेट, इस डेट तक कराएं रजिस्ट्रेशन, नहीं तो नहीं होगा फ्री इलाज

साइलेंस जोन के 100 मीटर के क्षेत्र में पटाखे नहीं चलाए

अभिषेक सुराणा ने आगे बताया कि प्रतिबंध के बावजूद दीपावली के आस-पास रात्रि काल में पटाखे चलाने एवं आतिशबाजी के फलस्वरूप ध्वनि एवं वायु प्रदूषण के स्तर में वृद्धि की शिकायतें सामने आती हैं। इस दीपावली पर ऎसी शिकायतों की स्थिति नहीं बने, यह सुनिश्चित करना अति-आवश्यक है। साथ ही सुनिश्चित किया जाए कि शांत क्षेत्र (साइलेंस जोन) यथा अस्पताल, नर्सिंग होम, प्राथमिक एवं जिला स्वास्थ्य केन्द्र, शिक्षण संस्थाएं, न्यायालय, धार्मिक स्थानों से 100 मीटर के क्षेत्र में पटाखे (फायरवर्क्स) नहीं चलाए जाएं।

यह भी पढ़ें :Good News : दीपावली से पहले श्रमिकों के लिए अच्छी खबर, जानकर खुशी से झूमेंगे

पटाखों की बिक्री से अनहोनी घटना घटित होने की आशंका

अभिषेक सुराणा ने आगे कहा कि इसी के साथ शादी-विवाहों व त्यौंहारों के अवसर पर स्थायी आतिशबाजी अनुज्ञापत्रधारियों व अस्थायी आतिशबाजी अनुज्ञापत्रधारियों के अलावा जनरल स्टोर, परचून के सामान की दुकानों, रेडिमेड कपड़े की दुकानों व अन्य साज-सजा की दुकानों पर सामान के साथ अवैध रूप से पटाखों की बिक्री की जाती है। जिसके कारण अनहोनी घटना घटित होने की आशंका हमेशा बनी रहती है। साथ ही विस्फोटक अधिनियम/नियमों का उल्लंघन किया जाता है। आतिशबाजी की इस अवैध बिक्री को रोकने के लिए तलाशी और अभिग्रहण की शक्तियां विस्फोटक नियम, 2008 के नियम 128 में विस्तार से वर्णित की हुई हैं। कार्यवाही के लिए प्राधिकृत अधिकारी/मजिस्ट्रेट के बारे में नियम 128 (घ) में उल्लेख है, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट, जिला मजिस्ट्रेट के अधीनस्थ सभी कार्यपालक मजिस्ट्रेट, सभी पुलिस आयुक्त या पुलिस उप निरीक्षक से अग्रिम पंक्ति के पुलिस अधिकारी व खान महा निदेशक और उसके अधीनस्थ अधिकारी इसके लिए सक्षम हैं।

यह भी पढ़ें :RPSC : प्रोग्रामर प्रतियोगी परीक्षा का जयपुर में परीक्षा केन्द्र बदला

अधिकारिता क्षेत्र में तलाशी करने के निर्देश

अभिषेक सुराणा ने कहा कि जिले में कार्यरत समस्त उपखण्ड मजिस्ट्रेटों, तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेटों व पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने अधिकारिता क्षेत्र में जांच/तलाशी करें। अगर विस्फोटक नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर नियमों के अन्तर्गत कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। साथ ही ध्वनि प्रदूषण एवं वायु प्रदूषण फैलाने वाले नागरिकों के विरूद्ध नियमों के अन्तर्गत कार्यवाही करवाया जाना सुनिश्चित करें।

यह भी पढ़ें :Good News : सहकारी बैंकों के लिए एकमुश्‍त समाधान योजना-2024 लागू, जानें किसे मिलेगा इसका लाभ