
चूरू। वर्षा आधारित खेती पर निर्भर चूरू जिले के किसानों की ओर श्रम के साथ तैयार की जाने वाली खरीफ की फसल पर अब प्राकृतिक आपदा या फिर अकाल जैसी स्थिति बीमा हो सकेगा। राजस्थान सरकार ने प्रदेश के किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार ने खरीफ फसल की बीमा के लिए प्रीमियम दर तय कर दी है। उसी अनुसार फसल की बीमा करवाने पर राज्य और केन्द्र सरकार की अनुदान दिया जाएगा।
चूरू जिले में मूंग, मोठ, ग्वार तथा बाजारें सहित कपास, मूंगफली की फसल को अधिसूचित किया गया है लेकिन जिले की तहसीलों में होनेवाली फसल अनुसार होने वाली फसल को अधिसूचित किया गया है। फसल बीमा ऋणी किसानों के लिए अनिवार्य है जबकि अऋणी किसान भी अपने हिस्से का प्रीमियम चुका कर फसल को बीमित करवा सकेंगे। बीमा के लिए किसान को फसल बीमा करवाने से पहले से अपनी गिरदावरी को संबंधित बैंक में जमा करवाना होगा।
जिसके आधार पर बैंक ऋणी किसानों का प्रीमियम काटकर बीमा कंपनी को भेजेगी। वहीं जो ऋणी किसान फसल बीमा योजना से अलग रहना चाहता है तो सम्बंधित बैंक शाखा में लिखित में ऑप्ट आउट का घोषणा पत्र देना होगा। उल्लेखनीय है कि चूरू जिले में फसल बीमा योजना के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को अधिकृत किया गया है।
जिले की सात तहसीले ऐसी है जहां खरीफ फसल में मूंगफली और कपास होती है जिसको बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है। जिले की सरदारशहर, बीदासर, रतनगढ़, सुजानगढ़, तारानगर व राजलदेसर में मूंगफली के साथ खरीफ में होनेवाली फसल मूंग, मोठ, ग्वार तथा बाजारें को बीमा के लिए अधिसूचित किया गया है। भानीपूरा व सरदारशहर कपास व मूंगफली सहित मूंग, मोठ, ग्वार तथा चूरू, सिद्धमुख में मूंग, मोठ, ग्वार तथा बाजारें और राजगढ़ में चवला, मूंग, ग्वार व बाजरें की फसल अधिसूचित की गई हैं।
जिले के चूरू में चवला व तिल तथा राजगढ़ में कपास व मोठ की फसल को तहसील स्तर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा बीदासर, भानीपूरा, रतनगढ़, सुजानगढ़, व राजलदेस में तिल, सिद्धमुख में मोठ तथा राजगढ़ में कपास व मोठ की फसल को अधिसूचित किया गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। किसान 31 जुलाई तक जिले के लिए अधिसूचित फसल का बीमा करवा सकेंगे। कुल प्रीमियम पर राज्य व केन्द्र सरकार की ओर से अनुदान भी दिया जाएगा। ऋणि कृषकों का बीमा वित्तीय संस्थाओं द्यारा तथा गैर ऋणी कृषको का फसल बीमा बैंक, सीएससी, डाकघर के माध्यम से 31 जुलाई तक करवाए जाने का प्रावधान है। वित्तीय संस्थाओं को 24 जुलाई तक फसलों का बीमा नहीं करवाने की सूचना देना आवश्यक है।
जगदेव सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार चूरू
Published on:
12 Jul 2024 04:07 pm
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