लोकसभा चुनाव से पहले राहुल कस्वां बीजेपी में थे। करीब डेढ दशक पूर्व तक पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां व राजेंद्र राठौड़ एक थे। यहां दोनों के बीच संबंधों को राम लखन की जोड़ी बताया जाता था। इसके बाद ऐसी बिगड़ी की दोनों की पार्टी एक लेकिन राह अलग हो गई। दोनों कभी एक मंच पर नजर नहीं आए। धीरे-धीरे राजेंद्र राठौड़ का बीजेपी में वर्चस्व बढ़ता चला गया। लेकिन, साल 2023 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजेंद्र राठौड़ ने हार का ठीकरा राहुल कस्वां पर फोड़ और कई बार जयचंद कहा। लेकिन, जब राहुल कस्वां का बीजेपी ने टिकट काट दिया तो दोनों के बीच दूरियां ज्यादा ही बढ़ गई और दोनों खुलकर एक-दूसरे पर हमला बोलने लगे। हालांकि, राहुल कस्वां ने कांग्रेस का दामन थाम लिया और चूरू से एक बार फिर जीत दर्ज कर ली है।