24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

थानाधिकारी की मौत पर रो पड़े पुलिस के जवान, थाने के सामने उमड़ी भीड़, ये बात भी आई सामने

थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई ( Rajasthan SHO Vishnu Dutt Bishnoi ) के आत्महत्या ( Rajgarh SHO Suicide Case ) करने की सूचना मिलने पर थाने के सामने लोगों की भीड़ लग गई। आक्रोशित लोग विधायक कृष्णा पूनिया ( Krishna Poonia ) के खिलाफ नारे लगाने लगे...

2 min read
Google source verification

चूरू

image

Dinesh Saini

May 24, 2020

sho.jpg

चूरू/सादुलपुर। थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई ( Rajasthan SHO Vishnu Dutt Bishnoi ) के आत्महत्या ( Rajgarh SHO Suicide Case ) करने की सूचना मिलने पर थाने के सामने लोगों की भीड़ लग गई। आक्रोशित लोग विधायक कृष्णा पूनिया ( Krishna Poonia ) के खिलाफ नारे लगाने लगे। सुबह 11 बजे तक शहर के बाजार बंद हो गए। लोगों ने कहा कि ये आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। इसकी सीबीआई से जांच करवाई जाए। शीतला बाजार एवं मुख्य बाजार घंटाघर तथा रेलवे स्टेशन पर लॉकडाउन की पालना में ड्यूटी करते हुए जवान रोते दिखाई दी।

थानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई ( Vishnu Dutt Bishnoi ) मूल रूप से श्रीगंगानगर रायसिंहनगर के लोनेवाला के निवासी थे। माता-पिता गांव में ही रहते हैं। उनके एक पुत्र और एक पुत्र है जो विष्णुदत्त के साथ बीकानेर की व्यास कॉलोनी वाले मकान में रहते हैं। विष्णुदत्त ने सादुलपुर में 19 सितंबर 2019 को ड्यूटी ज्वाइन की थी।


नेता प्रतिपक्ष व पुलिस अधिकारी के बीच कहासुनी
थानाधिकारी के शव को मोर्चरी रूम में ले जाने की बात पर नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ ( Rajendra Singh Rathore ) व पुलिस अधिकारी के बीच कहासुनी हो गई। डीएसपी रामप्रताप बिश्नोई ( Ram Pratap Bishnoi ) विष्णुदत्त के शव को मोर्चरी या अन्य किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाह रहे थे। राजेंद्र सिंह ने उन्हें रोका और परिवार के सदस्यों की इजाजत जरूरी बताई। इससे रामप्रताप ने आवेश में यह कह दिया कि आप रोकने वाले कौन होते हो, यह कानून व्यवस्था का मामला है। राठौर ने भी बिश्नोई को जमकर खरी-खोटी सुनाई। लोगों ने भी पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। भाजपा नेताओं ने डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। डीएसपी रामप्रताप को चूरू रवाना करने पर मामला शांत हुआ।

गौरतलब है कि थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नोई ने अपने सरकारी क्वार्टर में पंखे से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। थाना अधिकारी की मौत के बाद सियासत गरमाई। भाजपा नेता रामसिंह कस्वा और बसपा नेता मनोज न्यांगली धरने पर बैठ गए।