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राजस्थान के इस गांव में दफन है प्राचीन सभ्यता के अवशेष, खुदाई में मिला गोल मकान, देव प्रतिमा और ये सब

Rajasthan Hindi News राजस्थान के चूरू जिले के गांव कामाण के एक खेत की खुदाई में प्राचीन सभ्यता के अवशेष नजर मिले हैं।

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चूरू

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Santosh Trivedi

May 04, 2024

Rajasthan Hindi News: राजस्थान के चूरू जिले की सादुलपुर तहसील के गांव कामाण की जमीन में प्राचीन सभ्यता के अवशेष दफन है। हरियाणा बॉर्डर के इस गांव के एक खेत की खुदाई में यह अवशेष नजर आए। ग्रामीणों की ओर से बाद में जेसीबी से की गई खुदाई में पत्थर का टंकी जैसा गोल मकान, मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े, बड़े पत्थर, पशुओं के चारा डालने का पत्थर का बर्तन सहित एक देव प्रतिमा भी मिली है। करीब 15 फिट के बाद ग्रामीणों ने खुदाई बंद कर दी। लेकिन हरियाणा के गांव कुनाल, बनावाली सोत्तर, भिरडाना व बुआन में एक वर्ष पहले मिली हडप्पाकालीन व अन्य सभ्यताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि देर शाम तक मौके पर प्रशासन या पुरातत्व का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, लेकिन लोगों का मानना है कि यहां पर प्राचीन सभ्यता के अवशेष दफन है।

ट्रैक्टर चालक को चला पता

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के राजवीरसिंह महला के खेत मे ट्रैक्टर चालक खेत में पलाऊ कर रहा था तो अचानक पलाऊ किसी वस्तु से टकरा गया तथा उसकी की नोक टूट गई। जिस पर ट्रैक्टर चालक ने देखा कि किसी बड़े पत्थर से पलाऊ टकराया है। ट्रैक्टर चालक ने पुन: प्लाऊ चलाने का प्रयास किया, लेकिन ट्रैक्टर से पलाऊ नहीं चल पाया तो उन्होंने खेत मालिक को सूचना दी। खेत मालिक राजवीर महला खेत में पहुंचकर दो-तीन युवकों से खुदाई शुरू की तो बड़े-बड़े पत्थरों से बना कुएं जैसे जाकर नजर आने लगा। इसकी सूचना पर सरपंच व ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे। बाद में जेसीबी मशीन से खुदाई शुरू करवाई। लगभग घंटे भर चली खुदाई के बाद बड़े-बड़े पत्थर निकले तथा एक देव प्रतिमा, एक पत्थर का बना बड़े आकार का पशु चारा डालने जैसे आकार का बर्तन निकला। 10-15 फीट खुदाई के बाद जमीन नजर आने लगी तो खुदाई को बंद कर दिया गया।

15 फिट खुदाई के बाद नजर आया पक्का फर्श

जेसीबी मशीन से लगभग दो घण्टे तक हुई खुदाई के बाद बड़े बड़े पत्थरों से बना कुए जैसा दिखाई देने वाली जगह पर दस पन्द्रह फीट के बाद पक्का फर्श नजर आया। जिस पर ग्रामीणों ने कोई कुण्ड हाने का अनुमान लगाया, लेकिन खुदाई में भारी पत्थरों को कुएं का आकार देना, देव प्रतिमा निकलना तथा एक बड़े पत्थर का बना बर्तन निकलने से ग्रामवासियों के लिए आश्चर्य जनक रहा। क्योंकि आसपास कोई पहाड़ी क्षेत्र नहीं और ना ही पथरीली जमीन है। ग्रामीणों का मानना था कि वर्षों पहले कोई मानव परिवार या बस्ती निश्चित रूप से रही होगी।

ग्रामीण मान रहे हैं प्राचीन सभ्यता के अवशेष

गांव के जलेसिह लाखलाण, रघुवीर सिंह, महेंद्र सिंह लाखलाण, शेरसिंह खैरू छोटी, उमेदसिंह, सुरेंद्रसिंह गुर्जर, करणसिंह महला, आजाद सिंह बेनीवाल, जयप्रकाश लाखलाण, सुनील कुमार, लमीचंद , अजीत कुमार, रविंद्र बेनीवाल तथा जयकरण ने बताया कि गांव में 90 साल तक के लोग मौजूद हैं। उन्होंने इस जगह पर कभी कोई आबाद बस्ती ना देखी और ना सुनी। जिससे अनुमान लगता है कि सैकड़ों वर्ष पहले कोई आबाद बस्ती रही हो।

ग्राम पंचायत खेरू बड़ी के गांव कामाण में राजवीरसिंह महला के खेत प्लाऊ करते समय बड़े बड़े पत्थरो से बना कुआं जैसा दिखाई दिया। जिसके बाद खुदाई करवाई तो एक मिट्टी की बनी देव प्रतिमा तथा मिट्टी के बने बर्तनों के टुकड़े और बड़े-बड़े पत्थर निकले हैं।जो जांच का विषय है।

  • सुनील जागिड़ सरपंच ग्राम पंचायत खेरू बड़ी सादुलपुर

खेत में ट्रैक्टर से प्लाऊ करवा रहे थे, अचानक प्लाऊ रुक गया तो देखा कि बड़े पत्थर से पलाऊ रुका है। बाद में कसियों से थोड़ी खुदाई करवाई तो कुएं जैसा नजर आया। हालांकि जेसीबी से खुदाई में बड़े पत्थर, एक मिट्टी की बनी देव प्रतिमा तथा एक पशुचारे के बर्तन के आकार का बड़ा पत्थर भी निकला है।

  • राजवीर सिंह महला, ग्रामीण

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