चूरू

मन में आस्था, पैरों में छाले, सालासर बालाजी के प्रति आस्था का अद्भुत संगम

सालासर बालाजी महाराज का चल रहा लक्खी मेला रविवार को शरद पूर्णिमा के दिन संपन्न हो गया। आखिरी दिन भक्तों में अपार श्रद्धा देखने को मिली।

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Oct 09, 2022

सालासर। सालासर बालाजी महाराज का चल रहा लक्खी मेला रविवार को शरद पूर्णिमा के दिन संपन्न हो गया। आखिरी दिन भक्तों में अपार श्रद्धा देखने को मिली। नंगे पांव, पैरों में छाले श्रद्धा व भक्ति के साथ बालाजी के प्रति आस्था का अद्भुत संगम रविवार को सालासर में देखने को मिला। पूर्णिमा के दिन एक लाख श्रद्धालुओं बालाजी के चरणों में अपना शीश नवाया और मंनोतिया मांगी। पहले नवरात्र से पूर्णिमा तक 8 लाख श्रद्धालुओं ने बालाजी के दर्शन किये। रविवार को बाबा का मेला पूरे परवान रहा और भक्तों का रैला थमने का नाम नहीं ले रहा था। बालाजी मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर मंदिर तक दर्शनार्थियों की लंबी लंबी लाइनें लगी हुई थी। नाचते गाते भक्त हनुमान जी की भक्ति में रंगे कतारबद्ध होकर बालाजी की झलक पाने को आतुर दिखाई दिए।

हाथों में रंग बिरंगे निशान लिए हुए भक्तों का रेला दिनभर सालासर में उमड़ा रहा। हालांकि सालासर में पिछले चार दिनों से से बालाजी का मेला चल रहा था लेकिन रविवार को शरद पूर्णिमा पर मेला पूरे परवान पर रहा। मेले में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली सहित अलग अलग प्रान्तों से लाखों श्रद्धालु पैदल जत्थों के साथ व वाहनों से सालासर पहुंचे और बालाजी के धोक लगाई। श्री हनुमान सेवा समिति के अध्यक्ष यशोदानंदन पुजारी ने बताया कि शरद पूर्णिमा के दिन श्रद्धालुओं के दर्शन करने के लिए रात्रि में सवा 12 बजे बालाजी मंदिर के पट्ट खोल दिये गए थे। श्रद्धालुओं ने पुलिस थाने के सामने श्री बालाजी बगीचे से 6 किलोमीटर की लाइन में कतारबद्ध होकर दर्शन किये।

जमकर की खरीदारी
देश के कोने कोने से लाखों भक्त बाबा के दर्शन करने के लिए सालासर पहुंचे। उसके बाद श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। खिलौने, बालाजी महाराज की तसवीर, ध्वजा, बालाजी के लॉकेट की खरीदारी की। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने लड्डू, पेड़े, चूरमा आदि की खरीदारी की और अपने घर लेकर गये।

अंजनी माता रोड़ पर लगा तांता
सभी के दुःख हरने वाली अंजनी माता के दर्शन करने के लिए दिनभर श्रद्धालु पहुंचते रहे।। मंदिर के ऋषिराज पारीक व कमल पारीक ने बताया कि हर रोज हजारों भक्त मां के दरबार पहुंच रहे हैं और माता को चुंदड़ी चढ़ा रहे हैं। सालासर की अधिकांश होटल व धर्मशालाएं अंजनी माता रोड़ पर स्थित है। जिसके कारण ज्यादातर श्रद्धालु उस रास्ते पर रहते हैं। जिसके कारण दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। जगह जगह पर झूले लगे हुए थे जिनमें बच्चे झूलकर मेले का लुत्फ उठाया।

Published on:
09 Oct 2022 06:16 pm
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