
Salasar Balaji: सालासर बालाजी के लक्खी मेले में इस बार विशेष इंतजाम
सालासर. देश में श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बिंदू सालासर धाम का बालाजी मंदिर। शुक्रवार को सालासर धाम का स्थापना दिवस उत्साह से मनाया गया। मंदिर के 269 वें स्थापना दिवस के मौके पर मंदिर की आकर्षक सजावट की गई। इंदौर के कारीगरों ने बिजली की सजावट की। अजमेर से आए कारीगरों ने फूलों की सजावट की। इस मौके पर बालाजी महाराज का फूलों से विशेष शृंगार किया गया। स्थापना दिवस को यहां के लोग त्योहार के तौर पर मनाते हैं। स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर हुई भजन संध्या में कस्बे के लोग शामिल हुए। गायक कलाकारों ने हनुमान जी के भजनों की प्रस्तुतियां दीं।
दाढी मूंछ वाला पहला मंदिर
श्री हनुमान सेवा समिति के अध्यक्ष यशोदानंदन पुजारी ने बताया कि बाबा मोहनदास जी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान हनुमानजी ने सालासर में विराजमान होने की इच्छा जताई थी। श्रावण शुक्ल नवमी संवत 1811 में मूर्ति की यहां स्थापना की गई। आज सालासर मन्दिर की स्थापना को 269 साल का हो गए। उन्होंने बताया कि यह देश का एकमात्र मंदिर है जहां पर बालाजी का दाढी मूंछ में यहां विराजित है।
श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
स्थापना दिवस पर देश के कोने कोने से श्रद्धालुओं की भीड़ यहां जुटी। शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने बालाजी के धोक लगाकर मनौती का नारियल बांधा। इसके अलावा भक्तों ने बाबा मोहनदास की समाधि पर मत्था टेका और धूणे के परिक्रमा लगाकर भभूती लगाई।
बाबा के धूणे का हुआ जीर्णोधार इस बार मंदिर कमेटी की ओर से बाबा मोहनदास महाराज के धूणे का जीर्णाेद्धार करवाया गया है। धूणे पर साल भर में लाखों श्रद्धालु परिक्रमा लगाकर मनोकामना पूरी करने की प्रार्थना करते हैं। पिछले चार महीनों से श्रद्धालुओं के लिए धूणे को बंद किया गया था। धूणे को जैसलमेरी पत्थरों से तैयार करवाया गया है। स्थापना दिवस के मौके पर इसका शुभारंभ कर आम श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिया गया है।
Published on:
26 Aug 2023 02:42 pm
बड़ी खबरें
View Allचूरू
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
