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व्यापार एवं उद्योग संघ के अध्यक्ष के साथ 11 लाख रुपए की ठगी के आरोपी को जेल भेजा

व्यापार एवं उद्योग संघ के अध्यक्ष शिवरतन सर्राफ से थानेदार बनकर 11 लाख रुपए की ठगी के आरोप में गिरफ्तार कुचामनसिटी निवासी आदित्य जैन (21) को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया

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व्यापार एवं उद्योग संघ के अध्यक्ष के साथ 11 लाख रुपए की ठगी के आरोपी को जेल भेजा

सरदारशहर.

व्यापार एवं उद्योग संघ के अध्यक्ष शिवरतन सर्राफ से थानेदार बनकर 11 लाख रुपए की ठगी के आरोप में गिरफ्तार कुचामनसिटी निवासी आदित्य जैन (21) को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया।


कुचामन सिटी के हिस्ट्रीशीटर रिछपाल को आदित्य जैन ने सिम उपलब्ध करवाई। इस सिम से हिस्ट्रीशिटर ने अजमेर जेल से व्यापारी को थानाधिकारी रणवीरसिंह के नाम से फोन कर 11 लाख रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया। एसआई सुरेन्द्रसिंह ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि इस ठगी के मामले में आदित्य जैन, रिछपाल के अलावा हार्डकोर अपराधी सुरेश शामिल है। रिछपाल व सुरेश दोनों अजमेर जेल में हैं। दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस आदित्य जैन से तीन लाख रुपए बरामद कर चुकी है।


ये था मामला


कुचामनसिटी के हिस्ट्रीशिटर रिछपाल जाट ने अजमेर जेल में रहते हुए सरदारशहर निवासी एक व्यापारी से थानेदार बनकर बात करके 11 लाख रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया। पीडि़त ने 6 लाख रुपए नकदी जयपुर में दिए तथा 5 लाख रुपए कुचामनसिटी के आदित्य जैन के खाते में डलवाए। कुचामनसिटी के निकट गांव हिराणी निवासी रिछपाल जाट पर कुचामन सहित कई पुलिस थानों में हत्या, लूट, डकैती, मारपीटके गंभीर मामले दर्ज हैं। रिछपाल वर्तमान में अजमेर जेल में बंद है। वहीं से उसने 27 नवंबर को सरदारशहर के व्यापार एवं उद्योग संघ के अध्यक्ष शिवरतन सर्राफ को फोन किया और थानाधिकारी रणवीरसिंह बनकर पांच लाख रुपए मांगे। देख लेने की धमकी पर सर्राफ ने पुलिस के भय से उसके बताए खाते में पांच लाख रुपए कुचामन की एक्सिस बैंक में डलवा दिए।

इसके कुछ दिन बाद 30 नवम्बर को रिछपाल ने फिर फोन करके छह लाख रुपए मांगे। सर्राफ ने अपनी रिश्तेदार से जयपुर में छह लाख रुपए भी दिलवा दिए। रिछपाल ने जिस सिम से सर्राफ को फोन किया था वह सिम कुचामन के ही आदित्य जैन के नाम से है। इस मामले का पर्दाफास तब हुआ जब व्यापारी शिवरतन सर्राफ पांच-सात दिनों में रुपए नहीं आने पर पुलिस थाने में जाकर थानाधिकारी रणवीरसिंह से बात की। तब रणवीरसिंह ने बताया कि न तो उसका भाई विधानसभा का चुनाव लड़ रहा है और न ही मैने रुपए मंगवाए। पुलिस ने छह दिसम्बर को मामला दर्ज किया। नंबर से फोन आया उसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।