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सादुलपुर जसकरण सुराणा हवेली में बुधवार को अध्यात्म समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में साध्वी प्रसन्नरति ने कहा कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव सामाजिक व्यवस्थाओं तथा समाजवाद के जनक थे। जैन धर्म अक्षय तृतीया को त्याग-तपस्या के साथ मनाता है।
साध्वी अमितयशा, साध्वी कारुणयप्रभा, साध्वी सुमेदाश्री एवं साध्वी भव्ययशा ने महिला मंडल ने मंगलाचरण अक्षय तृतीया गीतिका की प्रस्तुतियां दी। बालिका मुक्ता, दीक्षा एवं वर्षा ने 12 साल से लगातार वर्षीय तप करने वाली दादी रतनीदेवी बैंगानी के तपोमय जीवन पर प्रस्तुतियां दी। संचालन साध्वी संगीतप्रभा ने किया। तपस्विनी रतनीदेवी बंैंगानी का श्री जैन श्वेताबंर तेरापंथ सभा महिला मंडल तथा श्रावक-श्राविकाओं ने अभिनंदन किया। इस अवसर पर श्याम जैन, कमल सेठिया, गजराज बैंगानी, हनुमान सुराणा, नथमल हीरावत, जीवनमल गधैया व धर्मचंद कोचर आदि मौजूद थी।
रतनगढ. देव कुटीर में जैन श्वेतांबर तेरापंथ महा सभा, महिला मंडल व अणुव्रत समिति के तत्वावधान में अक्षय तृतीया पर्व मनाया गया।
साध्वी प्रमोदश्री ने कहा कि अक्षय तृतीया पुण्यदायी है। साध्वी आदर्श प्रभा, धनकुमारी व अणुव्रत समिति अध्यक्ष महावीर सेवदा ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन साध्वी विजय प्रभा ने किया।
लाडनूं. जैन विश्वभारती संस्थान के महाप्रज्ञ महाश्रमण ऑडिटोरियम में आचार्य कालू कन्या कॉलेज का मंगलभावना समारोह हुआ। मुख्य अतिथि जैन विश्व भारती विवि के कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने कहा है कि जीवन में हमेशा धीरज रखना चाहिए। प्राचार्य प्रो.आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रतिभाओं व प्राचार्यों व प्रधानों का सम्मान किया गया। विशिष्ट अतिथि प्राचार्या कंचनलता शर्मा, केशाराम हुड्डा, प्राचार्या अलका रानी गुहराय, भंवरलाल मील, विनीता धर, बहादुर खां मोयल, राजूराम पारीक, प्राचार्य डा. नीता चैहान, डा. सुमन चैधरी, रमा देवी, हरेकृष्ण शर्मा, कंचनलता आर्य, राजकुमार व ओमप्रकाश गुर्जर थे। इस मौके पर प्रो. समणी ऋजुप्रज्ञा, डा. समणी मल्लिप्रज्ञा, प्रो. समणी संगीत प्रज्ञा, डा. अमिता जैन, सानिका जैन व प्रगति भटनागर आदि मौजूद थे।
बीदासर. तेरापंथ भवन के मघवा समवसरण में अक्षय तृतीया का पर्व साध्वी शुभप्रभा साध्वी सम्पूर्णयशा के सान्निध्य में मनाया गया।
साध्वी शुभप्रभा ने कहा कि आदिनाथ केवल भगवान ऋषभ के साथ ही जुड़ा है। साध्वी सम्पूर्णयशा ने कहा कि ऋषभ धर्मनेता कर्मयुग प्रणेता थे। कार्यक्रम में साध्वी मदनश्री, अर्हत प्रभा, कन्हैयालाल बैद, सभा मंत्री अजीत बैगानी, सरोज बैद, महिला मंडल अध्यक्ष शांति देवी बांठिया ने विचार व्यक्त किए। सभाध्यक्ष मोहनलाल चौरडिय़ा, रूपचन्द दूंगड़ आदि थे।
Published on:
18 Apr 2018 10:28 pm
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