
रतनगढ़. अपर जिला एवं सैशन न्यायालय ने तीन बच्चों की हत्यारिन निर्दयी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण के मुताबिक तहसील के गांव हामूसर में ढाई साल पहले महिला संतोष ने दो बेटों वे एक बेटी को कुंड में डुबोकर हत्या कर दी थी। मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश जगदीश जाणी ने दो साल आठ माह बाद शनिवार को उक्त फैसला सुनाया।
प्रकरण के अनुसार 11 जुलाई 2015 की रात संतोष ने अपने तीन बच्चों बेटी करुणा (12), पुत्र अनीश (9) व सात वर्षीय पुत्र जितेन्द्र को खेत की ढाणी में बने कुण्ड में डाल दिया था।
उसके बाद स्वयं कुण्ड में कूद गई। कुण्ड में पानी अधिक होने से तीनों बच्चे डूबकर मर गए लेकिन संतोष की लंबाई अधिक होने के कारण वह बच गई। 07 जुलाई को सुबह सरपंच मनफूल टांडी ने राजलदेसर पुलिस को सूचना दी, पुलिस मौके पर पहुंची तथा बच्चों के शव व आरोपित संतोष को कुण्ड से निकाला था।
पुलिस ने आरोपिता के खिलाफ हत्या व आत्म हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया था। घटना की सूचना पर बीकानेर से आईजी व चूरू पुलिस अधीक्षक भी मौके पर आए थे।
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए 16 गवाह
अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 16 गवाह पेश किए गए तथा 21 दस्तावेज उपलब्ध करवाए गए। मामले का विचारण पूर्ण होने पर आरोपित संतोष को धारा 302 में आजीवन कारावास, 10 हजार रुपए का जुर्माना तथा अदम अदायगी अर्थदंड दो माह का साधारण कारावास एवं धारा 309 में एक वर्ष का साधारण कारावास, एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। अदम अदायगी नहीं होने पर 15 दिन का साधारण कारावास पृथक से भुगताने का आदेश दिया है।
सैनिक पति बोला उसे न्याय मिला
आरोपित महिला संतोष के सैनिक पति इन्द्रराम उर्फ इन्द्रचन्द ने न्यायालय के निर्णय को सत्य की जीत बताया। उसने कहा कि जिस न्याय के लिए वह कोर्ट की शरण में आया था उसे मिला है। राज्य सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक राजकुमार चोटिया ने की।
आरोपित महिला ने बचाव में रखा यह तर्क
आरोपित महिला संतोष की ओर से बचाव में कोर्ट को बताया गया कि घटना वाली रात 11 जुलाई 2015 को दो घंटे तक उसकी पति से फोन पर बात हुई थी। पति ने उसके चरित्र पर संदेह का आरोप लगाते हुए प्रताडि़त किया। इसके कारण उसने यह कदम उठाया था।
Published on:
24 Mar 2018 11:29 pm
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