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Facilities– कहां पर.. सरकारी स्कूल में बच्चों के लिए निजी स्कूल जैसी सुविधाएं…. आप भी जानिये

चूरू (सांखू फोर्ट). एक तरफ आधुनिकता की दौड़ में लोग निजी स्कूलों की तरफ भाग रहे हैं वही मघाऊ गांव के राउप्रावि में हर किसी को नजरे टिकी रह जाती है। जो निजी स्कूलों में दी जा रही है ऐसी तमाम सुविधाएं है। यह विद्यालय 1982 में प्राथमिक व 2008 में क्रमोन्नत कर उच्च प्राथमिक बनाया गया था।

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चूरू

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Vijay

Feb 15, 2022

Facilities-- कहां पर.. सरकारी स्कूल में बच्चों के लिए निजी स्कूल जैसी सुविधाएं.... आप भी जानिये

Facilities-- कहां पर.. सरकारी स्कूल में बच्चों के लिए निजी स्कूल जैसी सुविधाएं.... आप भी जानिये

भामाशाहों और शिक्षकों ने स्कूल का बदल दिया स्वरूप
चूरू (सांखू फोर्ट). एक तरफ आधुनिकता की दौड़ में लोग निजी स्कूलों की तरफ भाग रहे हैं वही मघाऊ गांव के राउप्रावि में हर किसी को नजरे टिकी रह जाती है। जो निजी स्कूलों में दी जा रही है ऐसी तमाम सुविधाएं है। यह विद्यालय 1982 में प्राथमिक व 2008 में क्रमोन्नत कर उच्च प्राथमिक बनाया गया था।
विजयपुरा पंचायत में कक्षा आठ तक के विद्यालयों में विद्यालय में सबसे अधिक नामांकन है। गांव का कोई भी बच्चा निजी विद्यालय में पढऩे नहीं जाता। ग्रामीणों ने ही स्कूल को बढ़ा बनाने के लिए जमीन भेंट कर दी। दो लाख रुपए लगाकर चार दीवारी बनाई, इस पर भामाशाह समंदर सिंह व नाथाराम ने पेंटिंग करवाई गई। शिक्षक जगवीर सिंह पूनिया ने विद्यालय में बड़ा दरवाजा लगवाया। गांव के विजय सिंह व विक्रम सिंह ने फर्नीचर, ओमवीर सिंह गुजर व देबू सिंह ने विद्यालय के लिए कम्प्यूटर भेंट दिया। शंकरसिंह ने 26 जनवरी को यहां वाटर कूलर लगाने की घोषणा की। विद्यालय स्टाफ की जरूरतमंद बच्चों को टाई, बैल्ट व स्टेशनरी प्रदान की जाती है। गांव के शैतान सिंह, फूलााराम, घीसाराम, श्रवण कुमार, ओमवीर सिंह गुर्जर व अन्य ने कहा कि स्कूल के बच्चों का सहयोग करना हमारा नैतिक कर्तव्य व जिम्मेदारी है भविष्य में भी सहयोग के लिए तैयार हैं।

विद्यालय परिवार की अनोखी पहल
विद्यालय परिवार की ओर से 2019 को पौधारोपण अभियान चलाया गया था। अभियान के तहत गांव के प्रत्येक परिवार को एक एक पौधा घरों में लगाने के लिए दिया गया था। अब तक दो हजार पौधे बांटे जा चुके है। विद्यालय परिवार की ओर से गांव में घर-घर जाकर पर्यावरण के बारे प्रेरित किया। विद्यालय की शिक्षिका मीना कुमारी द्वारा विद्यालय के कक्षा कक्षों की दीवारों पर लॉकडाउन के समय समय का सदुपयोग कर दीवारों पर ज्ञानवर्धक बातों का चित्रण किया गया।

इनका कहना है...

विद्यालय में समय समय पर आवश्यक्तानुसार दानदाताओं का सहयोग मिल रहा है इससे विद्यालय में सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। विद्यालय स्टॉफ के सहयोग से विद्यालय में नामांकन व परिणाम सदैव अच्छा रहता है।
नरेश कुमार मरोलिया, संस्था प्रधान, राउप्रावि मघाऊ