
वन विभाग क्यों तैयार कर रहा औषधीय पौधे, पढें खबर
चूरू. औषधीय पौधे लगाने को लेकर सरकार की ओर से शुरू की गई घर-घर औषधीय वितरण योजना के लिए वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इस योजना के तहत चार प्रकार के आठ पौधे आमजन को िनशुल्क प्रदान िकए जाएंगे। डीएफओ सविता दहिया ने बताया कि औषधीय गुणों से भरपूर करीब 15 लाख पौध तैयार की गई है। आमजन को इसी माह के आखिर तक इन पौधों का वितरण किया जाएगा। वन विभाग ने फूल और बेल के साथ ही इस बार करीब आधा दर्जन ऐसे औषधीय पौधे तैयार किए हैं। जिनका आर्युवेद में काफी महत्व है और नॉर्मल वायरल और जुखाम पर इन औषधीय युक्त पौधों की सहायता से काबू पाया जा सकता है। घर-घर औषधीय योजना के तहत इन पौधों को तैयार किया गया है। वन विभाग ने इस बार गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ और तुलसी के अलावा गुड़मार,पत्थर चटा, हार श्रृंगार,निर्गुन्डी,गुड़हल के पौध तैयार किए हैं जो आमजन की इम्युनिटी बढाने में मददगार साबित होंगे और ये रोग उपचार में भी कारगर सिद्ध होंगे।
हार श्रुंगार: तने को पानी मे डालकर पीने से हड्डियों का जोड़ो का दर्द कम होता है।
पत्थर चटा: पत्थर चटा के हर रोज खाली पेट एक पत्ता खाना पत्थरी के रोगी के लिए काफी लाभदायक है।
इन पौधों का ये है औषधीय महत्व, आप भी जाने
निर्गुण्डी: कफ और वात को नष्ट करता है और दर्द को कम करता है। इसको त्वचा के ऊपर लेप लगाने से सूजन कम करता है,घाव को ठीक करता है।
गुड़मार: डायबिटीज के मरीज के लिए बेहद लाभकारी है।
गिलोय: मधुमेह, खांसी, एनीमिया, पीलिया, चर्म रोग में काम आता है।
अश्वगंधा: शरीर को ताकत मिलती है। सूजन कम करने के साथ दमा, खांसी, हृदय से जुड़ी तकलीफों में, गर्भवती महिला को पोषण देता है।
कालमेघ : पीलिया, लीवर और पेट की बीमारियों में लाभदायक। लीवर की समस्या में यह मुख्य औषधी है।
तुलसी: यह एंटी ऑक्सीडेंट रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।
Published on:
18 May 2023 10:45 am
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