
सरदारशहर.
प्रसव के बाद एक महिला की हुई मौत के बाद परिजनों ने राजकीय अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए लापरवाह चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वार्ड 40 निवासी मृृतका के परिजनों ने बताया कि 16 मार्च को सुबह नौ बजे प्रसव पीड़ा होने पर प्रीती को राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया। 9.55 बजे प्रीति ने बेटे को जन्म दिया। इसके पश्चात प्रसूता के ब्लडिंग होने लगी। अत्यधिक रक्तस्राव से महिला की तबीयत बिगड़ गई। दो घंटे बाद चिकित्सकों ने पीडि़त महिला को चूरू रैफर कर दिया। लेकिन महिला ने चूरू पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया। जानकारी मिलने पर बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक अध्यक्ष अनिल शर्मा व पालिका प्रतिपक्ष नेता राजकरण चौधरी के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर लापरवाह चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मुंडन करवाकर जताया विरोध
इसी क्रम में राजकीय अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता विकास सोनी ने मुंडन करवाकर विरोध जताया और धरना दिया। इस दौरान मौजूद धरनार्थियों ने अस्पताल प्रभारी के खिलाफ जमकर नारे लगाए। प्रभारी से फोन पर संपर्क साधा तो उन्होंने फोन ही नहीं उठाया।
...तो करेंगे आन्दोलन
चिकित्सकों की लापरवाही के आरोप में दिए ज्ञापन में कहा गया है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आन्दोलन किया जाएगा। ज्ञापन में लिखा कि राजकीय अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से एक महिला की मौत हो गई। यह सिलसिला कई समय से चल रहा है। अस्पताल में अव्यवस्थाओं के चलते आए दिन लोग मौत के शिकार हो रहे है। यहां से हनुमानगढ-किशनगढ मेगा हाइवे गुजरने के कारण दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। अस्पताल में जो भी मरीज आता है उनको बीकानेर या जयपुर रैफर कर दिया जाता है जिससे अधिकतर मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते है। यही हाल प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के साथ होता है। महिलाओं को रैफर कर दिया जाता है। अस्पताल में लंबे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। लोगों ने बताया कि अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर कईबार ज्ञापन दिए गए लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया है।
ज्ञापन देने वालों में जितेन्द्रसिंह राजवी, ताराचन्द सैनी, राजकुमार पारीक, बाले खां चायल, विकास सोनी, भूपेन्द्रसिंह आसुसर, नारायण सोनी, लालबहादुर सेवदा, इमरान, इमदाद, बनवारी भामा, सुशील भामा, नौरतन कांटा, आशिफ खोखर, राजू खोखर, बृजलाल कड़ेल, दीपक ढल्ला, संजय भामा, राजेन्द्र मोदी, रमेश शर्मा, चांद रोडा, बाबूलाल झींगा के अलावा विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे।
Published on:
22 Mar 2018 12:00 pm
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