
नहीं मिल रहे मजदूर, खेतों में फसलों की कटाई खुद कर रहा परिवार
सादुलपुर. कोरोना वायरस एवं लोकडाउन के चलते खेतों में खड़ी फसलों की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। अनेक किसानों ने बताया कि खेतों में खड़ी चने की फसल की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। पांच सौ रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भी पर्याप्त मजदूर उपलब्ध नहीं हैं। क्योंकि लोकडाउन के कारण घरों में रहने वाले मजदूर भी अपने घरेलू कार्य के साथ-साथ खेतों में फसल कटाई में लग गए हैं। जिसके कारण पर्याप्त मजदूरों का अभाव बना हुआ है।
किसानों का कहना है कि साधन संपन्न किसान ही मजदूरों से फसल कटवा सकते हैं। लेकिन अधिकांश किसानों को परिवार के लोगों के साथ ही फसल कटाई करनी पड़ रही है। वर्तमान समय में चार सौ से पांच सौ रुपए में मजदूर नहीं मिल रहा है।
किसान बोले खराब हो रही है फसलें
वहीं खेतों मे फसल काटने वाले किसानों का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी का डर उनको भी है। लेकिन खेतों में सोशल डिस्टेंसिंग का नियम अपनाकर अपनी फसल कटाई करने के लिए मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि पहले बारिश का अभाव रहा, बाद में ओलावृष्टि एवं बारिश से फसलें खराब हो गई थी। जो भी मिला घर लाने का प्रयास हो रहा है। निहालसिंह पूनिया हमीरवास, अनिल कुमार, रेवंत मल, करणसिंह सुंडा, महेन्द्र सिंह नीमा, जयप्रकाश आदि ने बताया कि कोरोना से बचाव भी कर रहे हैं तथा सरकार के आदेशों की पालना भी कर रहे हैं। सुबह जल्दी उठकर खेतों में जाते हैं तथा शाम को घर लौैट आते हैं।
साहवा. क्षेत्र में रबी की फसल काटने के लिए अब किसान कम संख्या में ही सही पर लोकडाउन से बाहर निकलकर खेतों का रुख करने लगे हैं। साहवा की रोही में तारामीरा की कटाई करते कुछ किसान नजर आए। किसान तिलोकाराम मेघवाल, मुकेश आदि ने बताया कि लॉकडाउन के चलते घरों के बजाए खेती के काम में व्यस्त हैं। फसल काटने लायक हो गई, तो छोटे बच्चों व बुजुर्गों को घरों में छोड़ कर प्रतिदिन सुबह एक एक कर घरों से निकलकर खेत में आकर मुंह को ढक कर आपस में थोड़ी दूरी बनाकर फसल काट रहे हैं।
Published on:
06 Apr 2020 09:43 pm
बड़ी खबरें
View Allचूरू
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
