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झूलते तार बने काश्तकारों की परेशानी

अचानक तार टूटने पर जानमाल की हानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नियमानुसार आबादी और खेतों के बीच से गुजरने वाली एचटी लाइन के तारों की गार्डिग करवाई जानी चाहिए, ताकि तार टूटने के बाद तार जमीन पर न गिरे, पर अधिकतर जगह ऐसा देखने को नहीं मिलता। झूलते तारों से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।

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Vivek Varma

Sep 13, 2016

Swinging the hassle of wires made tenants

Swinging the hassle of wires made tenants

समीपवर्ती खड़ात में खेत-खलिहानों से गुजरती बिजली की लाइनों के झूलते तार काश्तकारों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। पूर्व में झूलते तारों के कारण फसल जलने जैसे इक्का-दुक्का हादसे भी हो चुके हैं। इसके बावजूद डिस्कॉम की ओर से इन्हें कसवाने की कवायद नहीं की जा रही। खेतों के बीच से गुजरते ये एचटी लाइन के तार गर्मी के कारण झूल जाते हैं। करंट दौड़ते तार अनजान हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। ग्रामीण रेवाराम देवासी ने बतााया कि खेतों पर झूलते तारों से काश्तकारों पर भी करंट का खतरा मंडराता रहता है। अचानक तार टूटने पर जानमाल की हानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नियमानुसार आबादी और खेतों के बीच से गुजरने वाली एचटी लाइन के तारों की गार्डिग करवाई जानी चाहिए, ताकि तार टूटने के बाद तार जमीन पर न गिरे, पर अधिकतर जगह ऐसा देखने को नहीं मिलता। झूलते तारों से दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
खम्भे व ट्रांसफार्मर भी जंगली बेलों की आगोश में
तरतोली से खड़ात होते हुए फोरलेन तक जाने वाले मार्ग पर व फोरलेन के किनारे जगह-जगह खम्भों पर जंगली बेल लिपटी हुई है। इससे बारिश के दिनों में शॉर्ट-सर्किट होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि डिस्कॉम की ओर से समय-समय पर रखरखाव के नाम पर बिजली कटौती तो की जाती है, पर तार व खम्भों पर जंगली बेले ज्यों की त्यों रहती है। शॉर्ट-सर्किट होने पर डिस्कॉम को भी नुकसान झेलना पड़ता है।

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