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चैपल से लेकर धोनी विवाद तक लक्ष्मण ने किये चौंकाने वाले खुलासे, आत्मकथा ‘281 एंड बियोंड’ में लिख डाला सब कुछ

हमेशा कम बोलने वाले लक्ष्मण ने अपने क्रिकेट करियर और जीवन के बारे कई खुलासे किये । उनकी किताब में भी कई रोचक खुलासे हैं जिन्हें अभी तक सिर्फ चार दीवारें ही जानती थी ।

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चैपल से लेकर धोनी विवाद तक लक्ष्मण ने किये चौंकाने वाले खुलासे, आत्मकथा ‘281 एंड बियोंड’ में लिख डाला सब कुछ

नई दिल्ली । क्रिकेट में अपनी वेरी-वेरी स्पेशल बल्लेबाजी के लिए मशहूर भारत के पूर्व बल्लेबाज वी.वी.एस लक्ष्मण की आत्मकथा ‘281 एंड बियोंड’ का हाल में विमोचन किया गया। कार्यक्रम के दौरान हमेशा कम बोलने वाले लक्ष्मण ने अपने क्रिकेट करियर और जीवन के बारे कई खुलासे किये । उनकी किताब में भी कई रोचक खुलासे हैं जिन्हें अभी तक सिर्फ चार दीवारें ही जानती थी । सबसे प्रमुख घटनाओं में ऑस्ट्रेलिया से आए पूर्व कोच ग्रेग चैपल के बारे में भी बहुत कुछ है । लक्ष्मण ने बताया की पूर्व कोच के मार्गदर्शन में भारत की टीम दो - तीन गुट में बंट गई थी और आपस में विश्वास जैसे गायब ही हो गया था ।

धोनी से मतभेदों की भी आई थी खबरें-
लक्ष्मण ने अपनी आत्मकथा में लिखा है की ‘कोच के कुछ पसंदीदा खिलाड़ी थे जिनका पूरा ख्याल रखा जाता था जबकि बाकियों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। इसके कारण टीम हमारी आंखों के सामने ही बंट गई थी।’ कोई चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा था । इसके साथ ही वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी किताब में दावा किया है कि ग्रेग चैपल कोच के रूप में अपने रुख को लेकर 'अड़ियल' थे और उन्हें नहीं पता था कि अंतरराष्ट्रीय टीम को कैसे चलाया जाता है। इसका परिणाम पूरी टीम को भुगतना पड़ा और फिर जो हुआ हम वो सबकुछ जानते हैं । इसके साथ ही पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी किताब ‘281 एंड बियोंड' में अपनी जिंदगी के कई राज खोले हैं। लक्ष्मण ने 2012 में अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद ही उनके और तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बीच 'मतभेद' की खबरें आईं थीं।


याद आई ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक पारी-
भारतीय टीम के साथ ग्रेग चैपल का विवादास्पद कार्यकाल मई 2005 से अप्रैल 2007 तक रहा था । इस किताब में लक्ष्मण के बचपन के दिनों से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर, आईपीएल और कमेंटेटर बनने के सफर को बड़ी खूबसूरती के साथ दर्शाया गया है । इस किताब को लिखने में क्रिकेट लेखक आर.कौशिक ने लक्ष्मण की मदद की है । लक्ष्मण ने यह भी बताया कि उनके लिए डॉक्टर की जगह क्रिकेटर बनने का विकल्प चुनना कितना मुश्किल था। साथ ही किताब में उन्होंने सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, मोहम्मद अजहरूद्दीन, वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ के साथ अपनी दोस्ती का जिक्र भी किया । ईडन गार्डन्स से अपने विशेष लगाव पर भी रोशनी डाली जहां उन्होंने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 281 रन की ऐतिहासिक पारी खेल ऑस्ट्रेलिया के जबड़े से जीत छीन ली थी।

संन्यास पर भी किया खुलासा-
लक्ष्मण ने साथ ही अपने अचानक से लिए संन्यास के फैसले पर भी खुलासा किया उन्होंने बताया कि मीडिया को अपने संन्यास की जानकारी देने से पहले उन्होंने कई भारतीय क्रिकेटरों से बात की जिसमें टीम के उनके साथी जहीर खान और तेंदुलकर भी शामिल थे । उन्होंने कहा, ‘सचिन एनसीए में थे और उन्होंने मुझे मनाने का प्रयास किया कि मैं प्रेस कांफ्रेंस टाल दूं। लेकिन मैंने सचिन की सलाह नकार दी और मैंने अपनी अंतरात्मा की सुनी ।