
Abhinav mukund
नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका में जाकर रंग -भेद के खिलाफ आवाज उठाने वाले गाँधी की धरती भारत ही आज नस्ल आधारित भेद- भाव का शिकार बना बैठा है । दक्षिण भारतीय क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने ट्वीट कर नस्ल आधारित भेद- भाव के खिलाफ विरोध का मजबूत आवाज उठाया है । सोशल साइट पर रंग आधारित टिप्पणियों के बाद उन्होंने अपने विचार को ट्वीटर और इंस्टाग्राम पर साझा कर विरोध दर्ज कराया है ।
दक्षिण अफ्रीका में नेल्सन मंडेला के नेतृत्व में हुए अश्वेतों के आंदोलन से स्थिति इतनी बदली की वहां के सत्ता के सर्वोच्च पद पर बैठने वाला व्यक्ति ही एक अश्वेत नेल्सन मंडेला था ।आज भारत में भले ही हम नस्ल आधारित भेद- भाव के होने से इंकार करते हैं पर हकीकत यह है कि नस्ल आधारित भेद -भाव हमारे अंदर बैठी हुई है ।
अभिनव मुकुंद ने सोशल साइट पर लिखते हुए जाहिर किया कि मैं जब 10 साल का था तब से क्रिकेट खेल रहा हूँ ।आज मैं जहां कहीं भी हूं वह अपने लगातार मेहनत कि वजह से हूं । उन्होंने यह भी लिखा कि लगातार आउटडोर रहने की वजह से ,तेज धुप में पसीने बहाने के बाद सफलता प्राप्त होती है । यह सब हम अपने सपने को साकार करने के लिए करते हैं । उनके कहने का तात्पर्य यह था कि धूप में खेलते हुए उनके रंग पर असर पड़ता है । उन्होंने यह भी कहा कि मै दक्षिणी भारत से तालुक रखता हूं ,जहां गर्मी काफी ज्यादा पड़ती है ,गर्मी के वजह से रंग पर असर पड़ना स्वाभाविक है ।
आपको जानकारी के लिए बता दूं कि पिछले दिनों सोशल साइट पर उनके रंग के ऊपर किसी ने न सिर्फ टिपण्णी किया था बल्कि उनके साथ बदतमीजी भी किया था ,जिसके बाद अपने विचार को उन्होंने सोशल साइट पर जाहिर किया था ।
Published on:
10 Aug 2017 02:14 pm
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