
Ajinkya Rahane and cheteshwar Pujara Test Team: टी20 क्रिकेट के दौर में ऐसे बहुत कम खिलाड़ी हैं जिन्हें ओल्ड स्कूल क्रिकेट खेलना आता है। ऐसे खिलाड़ियों को टेस्ट स्पेशलिस्ट कहा जाता है। अन्य टीमों के पास टेस्ट स्पेशलिस्ट के नाम पर मुश्किल से ऐसा कोई एक खिलाड़ी है। लेकिन भारत के पास तीन -तीन हैं। इसके बावजूद भारतीय चयनकर्ताओं को इन दिग्गजों की कद्र नहीं है और बिना किसी ठोस कारण के उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता है।
ऐसा ही एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जाने वाली भारतीय टीम में भी हुआ है। भारत के पास टेस्ट स्पेशलिस्ट के नाम पर अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा और रविचन्द्र अश्विन हैं। लेकिन बावजूद इसके इन टीमों खिलाड़ियों को टीम में बने रहने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जहां अश्विन को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फ़ाइनल में खेलने का मौका नहीं मिला था। वहीं अब पुजारा और रहाणे को दक्षिण अफ्रीका के दौरे से बाहर कर दिया है और उन्हें टेस्ट टीम में नहीं चुना है।
दोनों को क्यों नहीं चुना गया इसको लेकर चयनकर्ताओं ने कोई बयान जारी नहीं किया है। अगर मुख्य कारण फॉर्म है तो रहाने ने हालही में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं इन दोनों खिलाड़ियों के अलावा कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली का फॉर्म भी पिछले कुछ समय से अच्छा नहीं है।
रहाणे की वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के फ़ाइनल में वापसी हुई थी और उस मैच में उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 89 और 46 रन की पारी खेली थी। लेकिन इसके बाद वे वेस्टइंडीज दौरे पर वह कुछ खास नहीं कर सके थे। दो टेस्ट की दो पारियों में वह सिर्फ 11 रन बना सके थे। उससे पहले श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें मौका नहीं मिला था।
वहीं, चेतेश्वर पुजारा को भी टेस्ट टीम में जगह नहीं मिली है। पुजारा ने पिछला टेस्ट इस साल जून में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उसमें उन्होंने दो पारियों में 14 और 27 रन की पारी खेली थी। इसके बाद से वह टेस्ट टीम से बाहर ही हैं। रहाणे और पुजारा की कहानी का सार ये है कि इन दोनों बल्लेबाजों ने बहुत खराब प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन इन दोनों से ही जिस तरह के बड़े स्कोर की उम्मीद रहती है उससे भी ये दूर रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों को दिक्कत आती भी है। ऐसे में युवा बल्लेबाजों को यहां बल्लेबाजी करने में मुश्किल जाएगी। पुजारा और रहाणे के पास ऐसी पिचों में खेलने का अनुभव है। खास कर रहाणे जिन्हें उछाल भरी पिचों में बल्लेबाजी करना पसंद है।
दक्षिण अफ्रीका की धरती पर भारत ने साल 1992 में पहली बार टेस्ट सीरीज खेली थी, तब मोहम्मद अजहरुद्दीन टीम के कप्तान थे। भारत को इस टेस्ट सीरीज में साउथ अफ्रीका के हाथों 1-0 से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद भारतीय टीम साल 1992 से लेकर अभी तक दक्षिण अफ्रीका की धरती पर कोई टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है। दक्षिण अफ्रीका की धरती पर भारत 1992 के दौरे को मिलाकर कुल 8 टेस्ट सीरीज खेल चुका है। भारत को इन 8 में से 7 टेस्ट सीरीज में हार का मुंह देखना पड़ा है। जबकि 2010-2011 के दौरे पर भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में एक टेस्ट सीरीज ड्रॉ करवाई थी।
Updated on:
08 Dec 2023 11:38 am
Published on:
08 Dec 2023 11:36 am
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