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‘पॉवर प्लेयर’ के मसले पर दो धड़ों में बंटा क्रिकेट का ‘पॉवर सेंटर’

लंबे विचार विमर्श के बाद भी नहीं बन सकी पॉवर प्लेयर पर एक राय

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Manoj Sharma Sports

Nov 06, 2019

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मुंबई। दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ( बीसीसीआई ) अपने कमाऊ पूत इंडियन प्रीमियर लीग ( आईपीएल ) को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए नए प्रयोग करने की सोच रहा है।

इन्हीं प्रयोगों में से एक है 'पॉवर प्लेयर'। हालांकि इसे लेकर अभी तक बोर्ड में कोई आम राय नहीं बन पाई है। बीसीसीआई मुख्यालय में हुई आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में गहन मंथन के बाद भी इस मुद्दे पर आम राय नहीं बन पाई। अंत में यही तय हुआ कि इस मसले पर अभी और चर्चा होगी।

क्या है 'पॉवर प्लेयर' का नियमः

दरअसल इस नियम के तहत टीम मैच में कभी भी विकेट गिरने के बाद या ओवर खत्म के बाद खिलाड़ी को बदल सकती हैं।

'नो बॉल' के लेकर भी उठा मुद्दाः

इसी बैठक में 'नो बॉल' को लेकर भी मुद्दा उठा। कई अधिकारी इस पक्ष में हैं कि नो बॉल को लेकर उठे विवाद के बाद इस दिशा में कोई कदम उठाया जाना आवश्यक है। इस मुद्दे पर भी केवल चर्चा ही हुई है और कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।

यह भी पढ़ेंः विशेष: टी-20 ने 14 साल में ही छू लिया ये आंकड़ा, टेस्ट क्रिकेट को यहां तक पहुंचने में लग गए थे 107

आपको याद होगा कि पिछले आईपीएल सीजन में कई बार नो बॉल को लेकर काफी विवाद हुआ था। अंपायर द्वारा गलत निर्णय दिए जाने के कारण कई मैचों के परिणाम प्रभावित हुए थे। विरोध करने वालों में भारतीय कप्तान विराट कोहली से लेकर महेंद्र सिंह धोनी जैसे क्रिकेटर शामिल थे।


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