
अनाया बांगर अपने परिवार के साथ। (फोटो सोर्स: @/Instagram/Anaya Bangar)
Anaya Bangar to undergo gender affirmation surgery: लड़के से लड़की बनीं अनाया बांगर अब अपनी ट्रांजिशन यात्रा में अकेली नहीं हैं। पहले जहां उनके छोटे भाई अथर्व हमेशा उनके साथ मजबूती से खड़े रहे, वहीं अब उन्हें उनके माता-पिता पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर और कश्मीरा बांगर का भी सपोर्ट मिल गया है। संजय अब न केवल भावनात्मक रूप से उनके साथ हैं, बल्कि वित्तीय मदद भी कर रहे हैं, जिसके चलते वह अब जेंडर-अफरमेटिव सर्जरी (GAS) कराने जा रही हैं। आखिरी जीएएस क्या है और इस सर्जरी का उनके शरीर पर क्या प्रभाव होगा आइये आपको बताते हैं।
टीओआई से बातचीत में अनाया बांगर ने बताया कि मैं मार्च में जेंडर-अफरमेटिव सर्जरी (वजाइनोप्लास्टी) करवाऊंगी। फैशन डिजाइनर सायशा शिंदे और एक्ट्रेस त्रिनेत्रा हलदर गुम्माराजू, जिन्होंने यह प्रोसीजर करवाया है, वह मुझे गाइड कर रहे हैं। ये सर्जरी थाईलैंड में होगी और मुझे उस क्लिनिक में कम से कम एक महीने रहना होगा। उसके बाद मुझे कुछ समय आराम करना होगा। मैं कम से कम छह महीने तक क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी, लेकिन मुझे खुशी है कि आखिरकार यह हो रहा है।
जीएएस सर्जरी प्रमुख रूप से 'जेंडर डिस्फोरिया' को दूर करने के लिए होती है। इसका मतलब जन्म वाले जेंडर की जगह दूसरे जेंडर में खुद की पहचान के चलते जो मानसिक तनाव आता है। उसे दूर करने के लिए यह सर्जरी होती है। इसमें जननांगों से लेकर शरीर में ऐसे अहम बदलाव होते हैं, जिससे आपकी पहचान के जेंडर में शख्स रिलेक्स फील कर सके।
अनाया ने बताया कि ये सर्जरी परिवार के समर्थन और वित्तीय सहायता से हो रही है। मैंने इस पल का पांच साल इंतजार किया है। मुझे कभी भी उस जेंडर से जुड़ाव महसूस नहीं हुआ, जिसमें मेरा जन्म हुआ। उन्होंने बताया कि जेंडर-अफरमेटिव सर्जरी करवाने का फैसला सालों की थेरेपी, मेडिकल जांच और खुद पर गहराई से सोचने के बाद लिया गया। मैंने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक मनोवैज्ञानिक और मेडिकल जांच करवाई कि मैं इसके लिए तैयार हूं।
25 साल की अनाया पिछले साल रियलिटी शो राइज एंड फॉल में अपनी उपस्थिति को एक टर्निंग पॉइंट मानती हैं। उन्होंने बताया कि मुझे लोगों से बहुत सपोर्ट मिला और मैं आर्थिक रूप से भी बेहतर स्थिति में हूं। मेरे पिता ने देखा कि लोग मेरे साथ तस्वीरें ले रहे थे, मेरे साथ खड़े थे और मेरा सम्मान कर रहे थे। मेरे माता-पिता दोनों को एहसास हुआ कि यह कोई फेज नहीं था। उन्होंने देखा कि मैं अपनी जिंदगी और अपने फैसलों को लेकर गंभीर थी।
अनाया ने दोहराया कि मैं यही हूं। मुझे लगता है कि इसी वजह से वे मेरे पास आए और मुझे पूरा सपोर्ट दिया। मेरे पिता मेरी सर्जरी का पूरा खर्च उठा रहे हैं। एक समय था जब मैं यूके में पूरी तरह अकेली थी और परिवारों में LGBTQ+ लोगों को लेकर अभी भी बहुत भेदभाव है। मुझे उम्मीद है कि खुलकर बोलने और मेरे परिवार के सपोर्ट से दूसरी ट्रांस महिलाओं को मदद मिलेगी। इससे किसी और के घर में ऐसी बातचीत आसान हो सकती है। एक ऐसे देश में जहां परिवारों में जेंडर आइडेंटिटी पर बातचीत करना अभी भी मुश्किल है, मेरे माता-पिता का सपोर्ट मेरे लिए सब कुछ है।
अनाया ने अपनी वकालत को लेकर भी गलतफहमियों को दूर करते हुए कहा कि कोई भी सिर्फ पब्लिसिटी के लिए इतना आगे नहीं जाता। जब मैंने क्रिकेट में इनक्लूसिविटी के बारे में बात की, तो यह ध्यान खींचने के लिए नहीं था। अगर लोग ऐसा सोचते हैं तो मैं महिलाओं के क्रिकेट में दखल नहीं देना चाहती। खेल हमेशा निष्पक्षता के बारे में रहा है। मेरा स्टैंड बस इतना है कि निष्पक्षता डर पर आधारित नहीं, बल्कि सबूतों पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने अंत में कहा कि अभी मेरा ध्यान ठीक होने और पूरी तरह से जीने पर है। बाकी सब अपने आप हो जाएगा। मैं चाहती हूं कि बातचीत शुरू हो। इस पर केस-टू-केस बेसिस पर विचार किया जा सकता है। अगर मुझे नहीं तो कम से कम अगली पीढ़ी के किसी व्यक्ति को फायदा होगा। यही मकसद है।
Published on:
04 Feb 2026 08:01 am

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