जॉली रोवर्स सीसी और यंग स्टार्स क्रिकेट क्लब के बीच खेले जा रहे मैच के दौरान जब अपराजित 34 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब हरि निशांत की टर्न लेती बॉल अपरिजत के पैड पर लगी और ये गेंद सीधा जीएस राजू के हाथों में गई।
क्रिकेट के मैदान में कई बार खिलाड़ियों के बीच विवाद देखने की मिलता है। ऐसा ही कुछ क्लब क्रिकेट के दौरान हुआ जहां महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेल चुके एक खिलाड़ी ने अंपायर द्वारा आउट दिये जाने पर जमकर विवाद किया। तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन डिवीजन 1 टूर्नामेंट में आउट होने के बाद बाबा अपराजित ने अंपायर और विपक्षी खिलाड़ियों के साथ खूब बहस की। जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
जॉली रोवर्स सीसी और यंग स्टार्स क्रिकेट क्लब के बीच खेले जा रहे मैच के दौरान जब अपराजित 34 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे तब हरि निशांत की टर्न लेती बॉल अपरिजत के पैड पर लगी और ये गेंद सीधा जीएस राजू के हाथों में गई। खिलाड़ियों ने अपील की और अंपायर ने उंगली उठा दी। आउट दिये जाने से अपराजित हैरान रह गए और पवेलियन वापस जाने से माना कर दिया। ऐसे में विरोधी टीम के खिलाड़ी वहां पहुंच गए और अंपायर से उन्हें पवेलियन भेजने को कहा।
इस दौरान विपक्षी खिलाड़ियों, अपराजित और दोनों अंपायरों के बीच खूब बहस हुई। पवेलियन लौटने के बाद भी अपराजित अंपायर और विपक्षी खिलाड़ियों से बहस करते रहे। पवेलियन लौटते समय वे फिर से मैदान पर गए और विपक्षी खिलाड़ियों से भिड़ने ही वाले थे, लेकिन अंपायरों ने उन्हें अलग कराया। करीब 5 मिनट के बाद वे मैदान से बाहर गए और तब जाकर मैच शुरू हुआ, लेकिन एक युवा खिलाड़ी के लिए इस तरह का व्यवहार करना सही नहीं है। अगर अंपायर ने आउट दिया है तो कुछ सेकेंड आप मर्यादा में रहकर निराशा जाहिर कर सकते हैं, लेकिन ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए।
बता दें अपराजित को पहले नजरिए में अंपायर ने बल्लेबाज को lbw आउट दिया था, जो बाद में कैच आउट में बदला गया। यहां तक कि बल्लेबाज कैच आउट भी नहीं था, क्योंकि ऐसा लग रहा था कि गेंद फील्डर के हाथों में पहुंचने से पहले जमीन को छूकर गई थी।