
पूर्व राष्ट्रीय कप्तान जहांआरा आलम
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को महिला क्रिकेट में यौन दुराचार के आरोपों पर जांच रिपोर्ट मिल गई है। पूर्व राष्ट्रीय कप्तान जहांआरा आलम द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय कमिटी ने सोमवार को रिपोर्ट BCB को सौंप दी। कमिटी की सदस्य बैरिस्टर सरवत सिराज शुक्ला ने क्रिकबज को पुष्टि की कि रिपोर्ट बोर्ड को जमा कर दी गई है।
जहांआरा आलम ने 2022 महिला वर्ल्ड कप के दौरान टीम मैनेजमेंट के एक सदस्य पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि आरोपी ने उन्हें यौन रूप से छेड़छाड़ की और अनुचित व्यवहार किया। आरोपों के बाद देशव्यापी आक्रोश फैला, जिसके चलते BCB ने नवंबर 2025 में पांच सदस्यीय जांच कमिटी गठित की। कमिटी की अध्यक्षता पूर्व अपीलेट डिवीजन जज जस्टिस तारिक उल हकीम ने की। अन्य सदस्यों में BCB डायरेक्टर रुबाबा दौला, बैरिस्टर सरवत सिराज शुक्ला, प्रोफेसर डॉ. नैमा हक (ढाका यूनिवर्सिटी की पूर्व लॉ विभागाध्यक्ष और लॉ कमीशन सदस्य), और बैरिस्टर मुहम्मद मुस्तफिजुर रहमान खान शामिल थे।
कमिटी को कई बार समय सीमा बढ़ानी पड़ी। शुरुआत में 15 दिनों की डेडलाइन थी, जिसे 2 दिसंबर, 21 दिसंबर और फिर 31 जनवरी तक बढ़ाया गया। उच्च न्यायालय ने 2 फरवरी को BCB से निष्क्रियता पर जवाब मांगा और एक रिट याचिका पर रूल जारी किया, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया गया। याचिका में कहा गया कि BCB की चुप्पी अन्य संभावित पीड़ितों के लिए न्याय में बाधा डाल रही है।
रिपोर्ट मिलने के बाद BCB ने अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और न ही जांच के निष्कर्षों का खुलासा किया गया है। BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम ने पहले 'जीरो टॉलरेंस' नीति की बात कही थी, कहा था कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा—चाहे वह बोर्ड डायरेक्टर हो, कोच या कर्मचारी। आरोपों के बाद चार महिला क्रिकेट टीम से जुड़े अधिकारियों—मैनेजर एसएम गोलाम फैयाज, फिजियो सुरैया अख्तर, कोच महमूद इमोन और कोऑर्डिनेटर सरफराज बाबू—को स्पेशल ड्यूटी पर रखा गया था।
Updated on:
02 Feb 2026 10:43 pm
Published on:
02 Feb 2026 08:46 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
