सचिन से भी आगे निकले द्रविड़, मिलेगा ऐसा सम्मान, जो आज तक किसी इंटरनेशनल क्रिकेटर को नहीं मिला

सचिन से भी आगे निकले द्रविड़, मिलेगा ऐसा सम्मान, जो आज तक किसी इंटरनेशनल क्रिकेटर को नहीं मिला

Siddharth Rai | Publish: Apr, 26 2018 02:21:09 PM (IST) क्रिकेट

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने राहुल द्रविड़ के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार की सिफारिश की है।

नई दिल्ली। क्रिकेट की दुनिया में 'श्रीमान भरोसेमंद, 'संकटमोचक और 'भारत की दीवार जैसे नामों से जाने जाने वाले भारतीय पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ के लिए एक अच्छी खबर है। द्रविड़ ने अपने करियर में जिसे भी छुआ वो सोना बन गया। क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद द्रविड़ कोच के रूप में अलग अलग टीमों से जुड़े और वो कर दिखाया जो सायद वो खेलते हुए नहीं कर पाए। द्रविड़ ने भारतीय अंडर 19 टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभाते हुए अपने अनुभव और शानदार कोचिंग से भारत को चौथी बार ये ख़िताब जीताया। उनकी इस उपलब्धि के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने राहुल द्रविड़ के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार की सिफारिश की है।

द्रविड़ का नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए दिया गया है
जी हां अंडर-19 टीम को एक कोच के तौर पर विश्व कप की सफलता दिलाने के लिए द्रविड़ का नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए दिया गया है। इससे पहले भारत सरकार उन्हें भारत के तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्मा भूषण, चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री और अर्जुन अवार्ड से नवाजा है। बता दें सचिन तेंदुलकर के बाद राहुल द्रविड़ भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक हैं। सचिन के बाद भारत के लिए सबसे ज्यादा रन राहुल द्रविड़ ने ही बनाए हैं।

भारतीय अंडर 19 टीम के कोच हैं द्रविड़
अपने 15 साल लंबे करियर को बिना किसी फेयरवेल के ऐसे ही अलविदा कहने वाले राहुल द्रविड़ ने हमेशा अपने से पहले टीम को रखा। चाहे टीम के लिए विकेट कीपिंग करना हो या कठिन परिस्थितियों में विकेट बचाना हो द्रविड़ ने टीम द्वारा दिए गए अपने हर किरदार को बखूबी निभाया। द्रविड़ को साल 2015 में भारतीय अंडर 19 टीम का मुख्य कोच चुना गया। जूनियर टीम का कोच बनने के पीछे द्रविड़ का एक ही मकसद था। भारतीय क्रिकेट की अगली पीढ़ी को सही सांचे में ढाला जाए ताकि भारत का भविष्य सुनहरा हो और ऐसा करने में वे सफल रहे। द्रविड़ के कोच बनने के बाद भारत दो बार अंडर 19 विश्व कप का फाइनल खेल चुका है।

जिस चीज़ को छुआ है वह सोना बन गई
द्रविड़ ने अपने करियर में जिस चीज़ को छुआ है वह सोना बन गई है। जहां आईपीएल में सारे खिलाड़ी महंगी और अच्छी टीमों से खेलना पसंद करते हैं वह द्रविड़ ने राजस्थान रॉयल्स जैसी कमज़ोर टीम का हाथ थामा और उसे पहली बार चैंपियंस लीग के फाइनल तक पहुंचाया। इतना ही नहीं आईपीएल से सन्यास लेने के बाद भी वे राजस्थान रॉयल्स के मार्गदर्शक बने रहे और विश्व क्रिकेट को स्टीव स्मिथ, संजू सेमसन और अजिंक्य रहाणे जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए।

द्रविड़ के अलावा इनको भी मिलेगा अवार्ड
द्रविड़ के अलावा बीसीसीआई ने राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के लिए राजीव गांधी खेल रत्न की सिफारिश की है। वहीं भारत के दिग्गज सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर के लिए ध्यान चंद लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार की सिफारिश की है। भारतीय क्रिकेट जगत में गावस्कर का योगदान अतुलनीय रहा है और उन्हें 'लिटिल मास्टर' के नाम से भी जाना जाता है। उनके समय में उनकी तरह की बल्लेबाजी कोई नहीं कर सकता था।

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