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सुप्रीम कोर्ट ने दिया बिहार क्रिकेट को यह तोहफा, खत्म होगा 18 सालों का वनवास

बीसीसीआई के प्रशासकों ने जानकारी दी कि बिहार क्रिकेट सितम्बर से होने वाले सभी राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकेगा।

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RANJI TROPHY

नई दिल्ली। बिहार क्रिकेट टीम के लिए बहुत अच्छी खबर आई है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बैंच को बीसीसीआई के प्रशासकों ने जानकारी दी कि बिहार क्रिकेट सितम्बर से होने वाले सभी राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकेगा। बिहार की टीम अगले सत्र में होने वाले रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलते नजर आएंगी। बिहार, जो लगभग 18 वर्षों तक प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से बाहर है, इस साल सितंबर से रणजी ट्रॉफी मैचों सहित राष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप खेलना शुरू कर देगा।


CAB अध्यक्ष ने दायर की थी याचिका
भारतीय समिति (COA) और BCCI ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया, जो बिहार क्रिकेट संघ (CAB) की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। आदित्य वर्मा जो कि बिहार बोर्ड के सचिव हैं उन्होंने इस मामले पर याचिका दायर कि थी। याचिका में बीसीसीआई के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी जिसमें बिहार को रणजी ट्रॉफी और अन्य राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने की इजाजत देने के पहले आदेश का पालन नहीं किया गया था।


BCCI ने दिया जवाब
सीएबी ने बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जोहरी और इसके कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय के 4 जनवरी के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। जस्टिस ए एम खानविल्कर और डी वाई चन्द्रचुद समेत पीठ ने वरिष्ठ वकील पराग त्रिपाठी और सी यू सिंह के क्रमशः COA और बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि बिहार इस साल सितंबर से शुरू होने वाले सत्र से राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट खेलेंगे।


18 साल बाद बिहार खेल सकेगा क्रिकेट
CAB का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील अजीत सिन्हा ने कहा कि देश का तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला राज्य बिहार पिछले 18 सालों से अपने अधिकारों से वंचित था, जो राज्य के विभाजन के बाद शुरू हुआ था और कुछ क्रिकेट प्रशासकों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी । इससे पहले, CAB ने सर्वोच्च न्यायालय में बीसीसीआई के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी, जिसमें आरोप लगाया था कि बीसीसीआई ने विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने के लिए किसी भी क्रिकेट एसोसिएशन को आमंत्रित नहीं किया था।

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