
चेन्नई सुपर किंग्स (Photo- ANI)
Cheteshwar Pujara on csk coach Stephen Fleming's 'no home advantage' remark: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2008 के बाद चेन्नई सुपर किंग्स को चेपॉक में हराया है। आईपीएल के मौजूदा सीजन के 8वें मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हाथों 50 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की बल्लेबाजी निराशाजनक रही। चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग काफी गुस्से में नजर आए।
मैच की समाप्ति के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच दावा करते हुए कहा कि हम आपको जैसा कि कई सालों से बता रहे हैं। चेपॉक में कोई घरेलू लाभ नहीं था। हमने कई बार घर से बाहर जीत हासिल की है। हम पढ़ नहीं पाए हैं। हर दिन हमें जो मिलता है, उससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं। यह चेपॉक नहीं है, जहां आप बस जाकर चार स्पिनर खिला सकते हैं। वास्तव में हमें यह समझने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है कि मैच के दिन पिच कैसी है। हमें क्या करना होगा।
चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग के इस दावे पर दिग्गज क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने हैरानी व्यक्त किया और कहा, "यह आश्चर्यजनक है, क्योंकि चेन्नई सुपर किंग्स में आप शिकायत नहीं कर सकते। यह उन कुछ फ्रेंचाइजी में से एक है, जो सुनिश्चित करती है कि पिच उनके पक्ष में हो। अगर वह कह रहे हैं कि उनकी कोई राय नहीं है, तो मुझे काफी आश्चर्य है। मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी फ्रेंचाइजी यह सुनिश्चित करती हैं कि उन्हें घर पर खेलते समय वह मिले जो वे चाहते हैं।''
उन्होंने आगे कहा, "अगर आप मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की बात करें, तो मुझे नहीं लगता कि ऐसा है (उन्हें वो पिच नहीं मिल रही, जिसकी उन्हें मांग थी)। किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी के बारे में मैं अभी भी समझ सकता हूं। वे (तीन) फ्रेंचाइजी सुनिश्चित करती हैं कि उन्हें वो मिले जो वे चाहते हैं। उनकी ताकत तब रही है जब वे अपने घर पर खेलते हैं।"
हालाकि इस दौरान पुजारा ने यह भी स्वीकार किया कि चेपॉक में पिच की स्थिति हर पारी में अलग-अलग थी। पहले हाफ में गेंद ज्यादा फिसल रही थी और बाद में स्पिनरों को ज्यादा मदद मिल रही थी। इसके बावजूद उन्हें लगा कि चेन्नई सुपरकिंग्स को अपने घरेलू हालात का बेहतर फायदा उठाना चाहिए था।
खेल में एक और बड़ी चर्चा चेन्नई सुपर किंग्स की असामान्य बल्लेबाजी क्रम की थी। शिवम दुबे से पहले सैम करन और एमएस धोनी से पहले रविचंद्रन अश्विन को भेजने के फैसले ने लोगों को चौंका दिया। धोनी आखिरकार नंबर-9 पर बल्लेबाजी करने आए, जब लक्ष्य का पीछा करना लगभग असंभव था, 28 गेंदों पर 98 रन की जरूरत थी। अनुभवी खिलाड़ी ने 16 गेंदों पर नाबाद 30 रन बनाए, जिसमें क्रुणाल पंड्या के अंतिम ओवर में दो छक्के और एक चौका शामिल था।
चेतेश्वर पुजारा ने जोर देकर कहा कि चेन्नई का अपने शीर्ष क्रम खासकर रचिन रवींद्र और रुतुराज गायकवाड़ पर अत्यधिक निर्भरता चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, "बहुत चिंता की बात है (रचिन रवींद्र, रुतुराज गायकवाड़ के अलावा बल्लेबाजी क्रम में) क्योंकि उनके मध्य क्रम को किसी समय पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा। उन्हें तेजी से रन बनाने शुरू करने होंगे। वे अपने मध्य क्रम पर बहुत अधिक निर्भर हैं।''
उन्होंने कहा, "हां, उनका शीर्ष क्रम उनकी ताकत है, जब वे अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो उस समय मध्यक्रम को आगे आना पड़ता है। ऐसा नहीं लगता कि वे इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें फॉर्म में वापस आने के लिए बेहतर सतहों की आवश्यकता होगी और जब वे फिर से घरेलू मैदान पर खेलना शुरू करेंगे, तो वे अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे।''
सिर्फ हार से ज्यादा, पुजारा का मानना है कि सीएसके की हार का तरीका स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है। "इस मैच से बहुत कुछ सीखने को मिला। सीएसके का हिस्सा होने के नाते मैं कह सकता हूं कि अगर आप प्रशंसक हैं तो आप वाकई निराश होंगे। हारना खेल का हिस्सा है, लेकिन आज जिस तरह से वे हारे, उससे ड्रेसिंग रूम में काफी निराशा होगी।"
Published on:
29 Mar 2025 04:54 pm
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