
ranje trophy, coa
कोलकाता। धन की कमी के कारण जम्मू एवं कश्मीर क्रिकेट संघ (जेकेसीए) के सचिव इकबाल शाह द्वारा रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट से बाहर होने की आशंका जताए जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित- प्रशासकों की समिति (सीओए) ने सभी राज्य संघों को एक पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि संघों को धन की कमी नहीं होगी। इसके साथ सीओए ने यह भी कहा कि क्रिकेट परिचालन से जुड़ी तीसरी पार्टी को सीधे तौर पर भुगतान किया जाएगा और इसके लिए फंड में किसी प्रकार की कमी नहीं होगी।
सीओए को दी जानकारी
सीओए को एक मेल के जरिए रविवार रात को इस बात की जानकारी दी गई थी कि क्रिकेट परिचालन के लिए तीसरी पार्टी को भुगतान की जाती है। ये तीसरी पार्टी राज्य संघों को कई चीजों की आपूर्ति करते हैं और इस कारण वह अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर सभी बिल थोपेंगे। प्रशासकों की समिति को इस बात की जानकारी भी दी गई कि कई भुगतानों के उदाहरण ऐसे भी हैं, जहां सीओए से मंजूरी लेने के बाद बीसीसीआई ने भी उसी चीज का भुगतान कर दिया और इस राशि को राज्य संघों के छिपे हुए खातों में जमा कर दिया।
अनुदान बंद से मुश्किल
अपने फैसले में सीओए ने कहा कि छह अप्रैल, 2017 को निर्देशित किए गए मार्गदर्शन के तहत ही भुगतान के लिए नियमित अनुमोदन प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जेकेसीए के सचिव शाह ने कहा था कि बीसीसीआई द्वारा सालाना अनुदान को बंद किए जाने के बाद से रणजी ट्रॉफी के लिए टीम का निर्माण मुश्किल हो जाएगा। अगर ऐसा होता है तो यह क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है। युवा क्रिकेटरों का भविष्य अधर में हो जाएगा। इस तरह से खिलाड़ी निराश हो जाते हैं। हर खिलाड़ी को अच्छे भविष्य की तलाश होती है। अनुदान बंद होने से मुश्किलें बढ़ जाती हैं।
Updated on:
18 Sept 2017 11:31 pm
Published on:
18 Sept 2017 11:23 pm
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