24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दानिश कनेरिया ने युवी और भज्जी से की अपील, पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के बारे में भी कुछ सोच लो

Highlight - युवराज सिंह और हरभजन सिंह ने किया था शाहिद अफरीदी फाउंडेशन का समर्थन - भारत में युवराज और हरभजन की हुई थी आलोचना
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Kapil Tiwari

•

Updated: 3 Apr 2020, 9:08 PM IST

kaneria.jpg

लाहौर। हाल ही में टीम इंडिया के दो पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी की फाउंडेशन का सपोर्ट करके एक विवाद को जन्म दे दिया था। हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने अफरीदी की फाउंडेशन के लिए लोगों से मदद की अपील की थी, जिसके बाद हिंदुस्तान में दोनों खिलाड़ियों की आलोचना होनी शुरू हो गई, लेकिन युवी और भज्जी ने अपना बयान वापस नहीं लिया।

पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों की आवाज भी उठाओ- दानिश कनेरिया

इस बीच पाकिस्तान के ही पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया ने युवी और भज्जी को करारा जवाब दिया है। दरअसल, दानिश कनेरिया ने युवराज और हरभजन सिंह से एक वीडियो बनाने की अपील की है, जिसमें कनेरिया ने युवी और भज्जी से पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों के लिए आवाज उठाने की बात कही है। आपको बता दें कि पाकिस्तान से बीच में ऐसी खबरें आई थीं कि कोरोना वायरस के कारण पाकिस्तान में भी हालात काफी खराब हैं और ऐसी रिपोर्ट भी मिली हैं कि वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों के लिए सरकार कुछ खास कदम नहीं उठा रही है। इसी को लेकर दानिश कनेरिया ने युवराज और हरभजन सिंह से अपील की है।

कनेरिया ने वीडियो के साथ शेयर किया डोनेशन लिंक

दानिश कनेरिया ने ट्विटर पर लिखा है, 'मैं युवराज सिंह और हरभजन सिंह से आग्रह करता हूं कि वे पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों के लिए भी एक वीडियो बनाएं। कोरोना वायरस के कारण इस मुश्किल समय में उन्हें आपकी जरूरत है।' उन्होंने साथ ही हरभजन और युवराज को टैग भी किया। इसके अलावा डोनेशन के लिए लिंक भी शेयर किया।

कनेरिया के साथ धर्म के आधार पर हुआ था भेदभाव

आपको बता दें कि बीते दिनों दानिश कनेरिया सुर्खियों में रहे थे। उन्होंने अपने समय की पाकिस्तान टीम के कुछ खिलाड़ियों पर धर्म के आधार पर भेदभाव का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके साथ कुछ खिलाड़ियों ने हिंदू होने की वजह से उनके साथ खाना तक नहीं खाया था।