30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बीसीसीआई के पूर्व महाप्रबंधक और क्रिकेटर एम.वी. श्रीधर का निधन

हैदराबाद के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व महाप्रबंधक रहे एम.वी. श्रीधर का सोमवार सुबह निधन हो गया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Lalit Sharma

•

Updated: 30 Oct 2017, 6:48 PM IST

hydrabaad

नई दिल्ली. हैदराबाद के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व महाप्रबंधक रहे एम.वी. श्रीधर का सोमवार सुबह दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। श्रीधर 51 साल के थे। उन्हें हैदराबाद स्थित उनके घर पर दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। श्रीधर के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और बेटी हैं। बीसीसीआई में 2013 से महाप्रबंधक के रूप में सेवा देने के अलावा, श्रीधर कई वर्षो तक विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में भी शामिल रहे।
आंध्र के खिलाफ बनाए थे 366 रन
श्रीधर ने हैदराबाद के लिए 1988-89 और 1999-00 तक प्रथम श्रेणी में 97 मैच खेले थे और 6,701 रन बनाए थे। इसमें 21 शतक और 27 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, ए-श्रेणी में 35 मैच खेले और 29.06 की औसत से 930 रन बनाए। इसमें पांच शतक शामिल हैं। प्रथम श्रेणी में श्रीधर का सबसे बेहतरीन स्कोर जनवरी, 1994 में आंध्र प्रदेश के खिलाफ बनाया गया 366 रनों का स्कोर था। इस मैच में हैदराबाद ने छह विकेट खोकर 944 रनों पर अपनी पारी घोषित की थी। यह रणजी ट्रॉफी का सर्वोच्च स्कोर है।
एक शानदार व्यक्तित्व और दिग्गज खिलाड़ी
श्रीधर के निधन पर शोक जताते हुए बीसीसीआई के कार्यकारी सचिव अनिरुद्ध चौधरी ने कहा, 'मेरे दोस्त श्रीधर की आत्मा को शांति मिले। वह इस दुनिया से जल्दी चले गए। एक खिलाड़ी और अधिकारी के तौर पर उन्होंने क्रिकेट के लिए बेहतरीन सेवा दी। जाने माने कमंटेटर हर्षा भोगले ने ट्वीट किया, डॉ. श्रीधर एक ऐसे इंसान थे, जिनसे आप कभी भी संपर्क कर सकते थे। वह कहते थे कि मैंने कई जगह काम किया है और अब मैं कहता हूं कि चलो हैदराबादी के तरीके से करते हैं। वह एक अच्छे बल्लेबाज थे। भारत की ओर से पिछले साल आयोजित टी-20 टूर्नामेंट की मेजबानी के दौरान श्रीधर ने टूर्नामेंट निदेशक के रूप में काम किया था। उन्होंने जुलाई, 2012 में हैदराबाद सचिव के चुनाव भी जीते थे।