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ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के हॉल ऑफ फेम में शामिल होने पर भावुक हुआ ये पूर्व कप्तान

Australia Cricket Hall of Fame: ऑस्ट्रेलिया को 2013-14 में 5-0 से एशेज और 2015 में वनडे वर्ल्‍ड कप जिताने वाले पूर्व कप्‍तान को ऑस्‍ट्रेलियन क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। इस सम्‍मान को पाने के बाद क्‍लार्क भावुक हो गए। उन्‍होंने कहा कि शानदार खिलाड़ियों, आदर्शों, रोल मॉडल के साथ बैठना सम्मान की बात है।

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Michael Clarke

Michael Clarke inducted into Hall of Fame: माइकल क्लार्क को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। इसके साथ ही वह ये सम्मान पाने वाले 64वें क्रिकेटर बन गए। 43 वर्षीय पूर्व कप्तान का 12 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर शानदार रहा। इस दौरान उन्होंने ऑस्‍ट्रेलिया के लिए 15 टेस्ट, 245 वनडे और 34 टी20 मैच खेले और 17,000 से अधिक रन बनाए। बतौर कप्तान क्लार्क ने 47 टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया का नेतृत्व किया, जिसमें 2013-14 में 5-0 की यादगार एशेज जीत भी शामिल है। उन्होंने संन्यास लेने से कुछ समय पहले 2015 में घरेलू मैदान पर टीम को ऐतिहासिक वनडे वर्ल्‍ड कप चैंपियन भी बनाया था।

माइकल क्‍लार्क की शानदार पारियां

माइकल क्लार्क ऑस्‍ट्रेलिया के लिए 28 टेस्ट शतक बनाए। इस दौरान उनके बल्‍ले से छठा सबसे बड़ा शतक भारत के खिलाफ आया। जब उन्‍होंने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में 329 रन की शानदार पारी खेली। उनका पहला शतक भी भारत के खिलाफ ही आया था, जब बेंगलुरू में उन्‍होंने 151 रन की शतकीय पारी खेली। उनकी यादगार पारियों में केपटाउन में शानदार 151 रन और फिलिप ह्यूज की दुखद मौत के बाद एडिलेड में खेली गई 128 रन की पारी शामिल है।

क्लार्क बोले- क्रिकेट अभी भी मेरी जिंदगी का हिस्सा

माइकल क्लार्क ने सम्‍मान पाने के बाद उन्‍होंने भावुक होते हुए कहा कि इतने सारे शानदार खिलाड़ियों, आदर्शों, रोल मॉडल के साथ बैठना और बचपन में उनसे प्रेरणा लेना मेरे लिए सम्मान की बात है। रिटायरमेंट आपके लिए बहुत कुछ करता है। आजकल क्रिकेट देखने के दौरान आप कुछ हिस्सों को मिस करते हैं। जब आप उच्चतम स्तर पर खेलते हैं तो लोग आपके अंतरराष्ट्रीय करियर के बारे में बात करते हैं, लेकिन मेरे लिए यह छह साल की उम्र में शुरू हुआ। मैंने 34 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले लिया था, इसलिए यह मेरी जिंदगी थी। यह अभी भी मेरी जिंदगी का हिस्सा है।

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क्रिकेट को बताया सामान्य जीवन के समान

उन्‍होंने आग कहा कि क्रिकेट शायद सामान्य जीवन के समान ही है। आप मैदान पर उतरते हैं और 100 रन बनाते हैं और फिर बल्ला उठाते हैं। फिर आप फील्डिंग के लिए जाते हैं, स्लिप में फील्डिंग करते हैं और खेल की दूसरी गेंद पर कैच छोड़ देते हैं।

हॉल ऑफ फेम के चेयरमैन ने गिनाईं उपलब्धियां

इस मौके पर हॉल ऑफ फेम के चेयरमैन पीटर किंग ने कहा कि माइकल का असाधारण प्रथम श्रेणी खेल करियर मात्र 17 वर्ष की उम्र में एससीजी में शुरू हुआ और यही वह स्थान है, जहां उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं। जिसमें 2012 में भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में लगाया गया तिहरा शतक भी शामिल है। माइकल के करियर को ऑस्ट्रेलियाई जनता हमेशा याद रखेगी और उनका स्थान शीर्ष खिलाड़ियों में शुमार रहेगा।