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मोहसिन नकवी की अगुवाई वाला PCB हुआ एक्सपोज़, पाकिस्तान के इस पूर्व हेड कोच ने बताए टीम जल्दी छोड़ने के कारण

Gary Kirsten exposes Mohsin Naqvi led PCB: पाकिस्‍तान के पूर्व हेड कोच गैरी कर्स्‍टन ने टीम में गैरजरूरी दखल को लेकर मोहसिन नकवी की अगुवाई वाले PCB पर सवाल उठाते हुए कई खुलासे किए हैं। कर्स्टन ने कहा कि जिस चीज़ ने मुझे सबसे ज्‍यादा हैरान किया, वह दखल का स्तर। मैंने पहले कभी इस स्तर का दखल नहीं देखा।

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भारत

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lokesh verma

Mar 21, 2026

Gary Kirsten exposes Mohsin Naqvi led PCB

पाकिस्तान टीम (फोटो सोर्स: IANS)

Gary Kirsten exposes Mohsin Naqvi led PCB: पाकिस्तान क्रिकेट टीम लंबे समय से बेहद खराब प्रदर्शन कर रही है। कई कोच बदले, खिलाड़ी बदले, लेकिन टीम की हालत वही ढाक के तीन पात वाली रही। पाकिस्तान के पूर्व मुख्य कोच गैरी कर्स्टन ने इस टीम के साथ अपने छोटे और उथल-पुथल भरे कार्यकाल के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अत्यधिक दखल की वजह से ही उन्हें इतनी जल्दी टीम छोड़नी पड़ी।

कर्स्‍टन ने सिर्फ 6 महीने में छोड़ दिया था पद

बता दें कि गैरी कर्स्टन को अप्रैल 2024 में दो साल के अनुबंध पर पाकिस्‍तान का हेड कोच नियुक्त किया गया था, लेकिन उन्होंने सिर्फ छह महीने के भीतर ही पाकिस्तान की वनडे और टी20 टीमों के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया। उनका इस्तीफा अचानक आया, ठीक उस समय से एक हफ्ता पहले, जब पाकिस्तान को वनडे सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जाना था। उनके जाने पर पीसीबी ने टेस्ट कोच जेसन गिलेस्पी को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई। हालांकि, कुछ महीनों बाद गिलेस्पी ने भी टीम का साथ छोड़ दिया।

'पहले कभी इस स्तर का दखल नहीं देखा'

कर्स्टन ने टीम के मामलों में लगातार बाहरी दखल को इस नौकरी का सबसे मुश्किल पहलू बताया। टॉकस्‍पोर्ट क्रिकेट से बात करते हुए कर्स्टन ने कहा कि जिस चीज ने मुझे सबसे ज्‍यादा हैरान किया, वह था दखल का स्तर। मुझे नहीं लगता कि मैंने पहले कभी इस स्तर का दखल देखा है। क्या इसने मुझे हैरान किया? मुझे नहीं पता, लेकिन यह काफी ज्‍यादा था।

'खिलाड़ियों के साथ कामकाजी रिश्ता बनाना बेहद मुश्किल'

उन्होंने समझाया कि ऐसे माहौल में किसी भी कोच के लिए अपनी योजनाएं लागू करना या खिलाड़ियों के साथ एक स्थिर कामकाजी रिश्ता बनाना बेहद मुश्किल हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जब बाहर से लगातार दखल हो रहा हो, तो किसी कोच के लिए आकर खिलाड़ियों के साथ काम करना काफी मुश्किल होता है। यह कठिन था, क्‍योंकि बाहर से लगातार शोर और खराब प्रदर्शन वगैरह को लेकर बहुत ज्‍यादा दंडात्मक कार्रवाई हो रही थी।

'...तो कोच को बनाया जाता है निशाना'

कर्स्टन ने इस बात पर भी जोर दिया कि जब एक कोच के तौर पर, जब टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही होती, तो आप सबसे आसान निशाना बन जाते हैं। लोग सोचते हैं कि चलो कोच को हटा देते हैं या कोच पर पाबंदियां लगा देते हैं, क्योंकि जब टीमें अच्छा नहीं कर रही होतीं, तो ऐसा करना सबसे आसान होता है। मेरी नजर में यह रवैया उल्टा असर डालने वाला है।