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Birthday Spl : इंजीनियरिंग की पढ़ाई से फुटबॉल से प्यार तक रविचंद्रन अश्विन के जन्मदिन पर जानें उनके बारे में कुछ खास बातें

आपको यह जान कर आश्चर्य होगी की रविचंद्रन अश्विन का पहला प्यार क्रिकेट नहीं था। वह फुटबॉल खेलते थे। माना जाता था कि अच्छी कद काठी होने के कारण फुटबॉल में वह बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे।

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Prabhanshu Ranjan

Sep 17, 2018

Birthday Spl : इंजीनियरिंग की पढ़ाई से फुटबॉल से प्यार तक रविचंद्रन अश्विन के जन्मदिन पर जानें उनके बारे में कुछ खास बातें

Birthday Spl : इंजीनियरिंग की पढ़ाई से फुटबॉल से प्यार तक रविचंद्रन अश्विन के जन्मदिन पर जानें उनके बारे में कुछ खास बातें...

नई दिल्ली।आज रविचंद्रन अश्विन अपना 32वां जन्मदिन मना रहे हैं । भारत के नंबर एक स्पिन गेंदबाज आश्विन ने कई मौकों पर भारत को अपनी टर्न खाती गेंदों से मैच जिताया है । लेकिन आपको यह जान कर आश्चर्य होगी की रविचंद्रन अश्विन का पहला प्यार क्रिकेट नहीं था। वह फुटबॉल खेलते थे। माना जाता था कि अच्छी कद काठी होने के कारण फुटबॉल में वह बेहतर प्रदर्शन कर सकते थे। लेकिन संयोग से अश्विन क्रिकेट में आ गए।वैसे अश्विन अपने शुरूआती दिनों में बल्लेबाजी ज्यादा पसंद करते थे लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था।आज भारत के दिग्गज गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन का 32वां जन्मदिन है। इस मौके पर आइये जानते हैं उनके बारे में कुछ खास बातें...

फुटबॉल से था खासा लगाव पर किस्मत ने किया कुछ और खेल
क्रिकेट को ऐसे ही नहीं अनिश्चितताओं का खेल नहीं कहा जाता है । यहां कई ऐसे उदहारण देखे गए हैं जब किसी भविष्य के महान क्रिकेटर ने क्रिकेट को नहीं किसी और खेल को चुना था लेकिन किस्मत या किसी और कारण से वो आज क्रिकेट के महान सितारे बन चुके हैं। रविचंद्रन अश्विन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ पहले फुटबॉल से प्यार उसके क्रिकेट में आएं भी तो बतौर बल्लेबाज । अब अपनी कैरम बॉल से दुनिया भर के बल्लेबाजों को डराने वाले अश्विन
ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है पर समय का खेल देखिये इंजीनियर अश्विन आज टीम इंडिया के प्रमुख स्पिनर बन चुके हैं।टीम इंडिया में एक ख़ास जगह बना चुके आश्विन पढ़ाई में भी अभूत अच्छे थे ।

माँ ने किया हमेशा सपोर्ट
17 सितंबर 1986 को चेन्नई (तमिलनाडु) में एक तमिल ब्राह्मण परिवार में जन्में अश्विन शुरू से ही पढ़ाई में अच्छे थे। उन्होंने चेन्नई के एक प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज से इंफॉरमेशन टेक्नॉलोजी में बी.टेक किया। उनका परिवार शुरू से अश्विन की पढ़ाई को लेकर गंभीर था लेकिन क्रिकेट को लेकर उन पर कभी कोई रोक नहीं लगाईं गई । उनकी मां ने खासतौर से उन्हें हमेशा सपोर्ट किया और स्कुल के दिनों में ओपनिंग बल्लेबाजी करने वाले आश्विन को जब एक गंभीर बीमारी के कारण मैदान से दूर होना पड़ा था।उनकी मां ने उनका ख़ास ख्याल रखा था । तकरीबन 8 महीनों तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद अपनी मां की सलाह पर आश्विन ने स्पिन गेंदबाजी पर ध्यान दिया और फिर जो हुआ वो सब हम जानते ही हैं । 2012 में उन्होंने भारत की तरफ से सबसे तेज 50 टेस्ट विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया और हरभजन सिंह सहित टीम में मौजूद अन्य स्पिनरों के लिए वो सबसे बड़ी चुनौती बन गए।

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