27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भारतीय क्रिकेट के इस जादुई आंकड़े को छूने वाले ये तीन खिलाड़ी बाद में बने टीम के कप्तान

- ये तीनों भारतीय खिलाड़ी अपने बेस्ट स्कोर के बाद टीम इंडिया के कप्तान बने हैं - इसके अलावा तीनों ही खिलाड़ियों ने एशिया की टीमों के खिलाफ अपना बेस्ट स्कोर बनाया है

3 min read
Google source verification
ganguly_dhoni_and_virat.jpeg

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में जब-जब सबसे सफल कप्तानों का नाम आता है, तब-तब कुछ नाम ऐसे हैं, जिनका जिक्र हमेशा किया जाता है और किया जाता रहेगा। भारतीय क्रिकेट को सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचाने में तीन कप्तानों का सबसे अहम योगदान माना जाता है, जिसमें पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, महेंद्र सिंह धोनी और वर्तमान में टीम के कप्तान विराट कोहली शामिल हैं। इन तीनों ही खिलाड़ियों ने अपने-अपने समय में टीम को कई बड़ी सफलताएं दिलाई हैं। इन तीनों खिलाड़ियों में एक ऐसी समानता है जो काफी हैरान करने वाली और रोचक है। दरअसल, गांगुली, धोनी और विराट कोहली तीनों ही खिलाड़ियों का वनडे क्रिकेट में बेस्ट स्कोर 183 ही है।

तीनों खिलाड़ियों ने एशिया की टीम के खिलाफ ही बनाया है ये स्कोर

गांगुली, धोनी और विराट कोहली ने अपने करियर में 183 रन से ज्यादा नहीं बनाए हैं। तीनों ही खिलाड़ियों का बेस्ट स्कोर 183 ही है। इसके अलावा एक और रोचक जानकारी ये है कि ये स्कोर तीनों ही खिलाड़ियों ने एशिया की टीमों के खिलाफ ही बनाया है। गांगुली और धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ 183 रन बनाए थे, जबकि विराट कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 183 रन की पारी खेली थी। हालांकि धोनी और विराट के पास तो अभी मौका है, क्योंकि दोनों ही अभी वनडे टीम का हिस्सा हैं। इसमें से भी धोनी के पास चांस कम हैं, क्योंकि वो अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं।

तीनों को बेस्ट स्कोर के बाद ही मिल गई टीम की कप्तानी

खास बात ये है कि गांगुली, धोनी और विराट तीनों ने ही जब 183 रन की पारी खेली तो उसके बाद उन्हें टीम की कप्तानी सौंपी गई। पहले सौरव गांगुली को साल 2000 में कप्तानी मिली जब सचिन ने इस पोजिशन से इस्तीफा दिया। उसके बाद साल 2007 में धोनी को टीम का कप्तान बनाया गया और इसके बाद साल 2013 में धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद विराट टीम इंडिया के कप्तान बने।

कब-कब खेली गई 183 रन की पारी

- सबसे पहले सौरव गांगुली का जिक्र आता है। दादा ने साल 1999 के वर्ल्डकप में श्रीलंका के खिलाफ 183 रन की धमाकेदार पारी खेली थी, जिसमें 17 चौके और 7 छक्के शामिल थे। दादा की ये पारी उस वक्त बहुत अहम थी, क्योंकि ये वो टाइम था जब श्रीलंकाई टीम का बॉलिंग अटैक घातक माना जाता था। इस पारी के बाद गांगुली को साल 2000 में टीम की कप्तानी मिल गई थी।

- इसके बाद महेंद्र सिंह धोनी की बारी आती है। धोनी तो भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान हैं, जिन्होंने आईसीसी के हर बड़े टूर्नामेंट में भारत को चैंपियन बनाया है। धोनी को साल 2007 में टीम की कप्तानी मिली थी। इससे पहले उन्होंने 2005 में श्रीलंका के खिलाफ 183 रन की धमाकेदार पारी खेली थी। इस पारी में धोनी ने 15 चौके और 10 छक्के लगाए थे। इस पारी की बदौलत ही धोनी ने अंतरराष्ट्रीय टीम में ऐसी जगह बनाई कि फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस पारी से पहले धोनी पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन की तूफानी पारी खेल चुके थे।

इसके दो साल बाद यानी साल 2007 में वर्ल्डकप T20 के लिए धोनी को टीम का कप्तान बनाया गया और उन्होंने इतिहास रच दिया. इसी साल धोनी को उनकी परफॉर्मेंस के देखते हुए वनडे की कप्तानी मिली और फिर एक साल जब अनिल कुंबले इंजर्ड हो गए तो टेस्ट टीम की कमान उनके पास आ गई।

- वहीं, विराट कोहली ने साल 2012 में एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ 183 रन जड़े थे. इस मैच में भारत को जीतने के लिए 329 रन बनाने थे, जिसमें विराट कोहली ने 183 रन टीम को शानदार जीत दिलाई थी. इस पारी में विराट ने 22 चौके और 2 छक्के लगाए थे. इसी जादुई आंकड़े के एक साल बाद विराट कोहली को टीम इंडिया क वनडे कप्तानी मिली जब एमएस धोनी ने कप्तानी से अलविदा कहा।