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2019 विश्वकप से पहले ही गंभीर ने लिया संन्यास, फैंस को रुला कहा क्रिकेट को bye-bye

2011 विश्व कप फाइनल में टीम इंडिया की जीत के हीरो रहे गौतम गंभीर लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर थे। अब जब इंग्लैंड में होने वाले विश्वकप में गिनती के दिन बचे हैं तो इस बल्लेबाज ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास की घोषणा कर दी है ।

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Gautam Gambhir announces retirement from all forms of cricket

2019 विश्वकप से पहले ही गंभीर ने लिया संन्यास, फैंस को रुला कहा क्रिकेट को bye-bye

नई दिल्ली । साल 2009 में आईसीसी टेस्ट रैंकिंग के शीर्ष पर रहने वाले और 2011 विश्व कप फाइनल में टीम इंडिया की जीत के हीरो रहे गौतम गंभीर लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर थे। टीम में उनकी वापसी लगभग असंभव ही नजर आ रही थी और अब जब इंग्लैंड में होने वाले विश्वकप में गिनती के दिन बचे हैं तो इस बल्लेबाज ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास की घोषणा कर दी है । गंभीर के नाम कई बड़े रिकार्ड्स थे और वो भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में शुमार किया करते थे ।

गंभीर के फैंस को यह सुनकर काफी बुरा लगा होगा कि गौतम गंभीर ने 2019 विश्वकप से पहले ही ऐसे अचानक से संन्यास ले लिया । गंभीर ने ऐसे ही 2018 आईपीएल के बीच में ही अपनी टीम की कप्तानी को भी छोड़ दिया था । गौतम गंभीर ने 58 टेस्ट मैचों में 41.95 की औसत से 4154 रन बनाए हैं। 147 वनडे मैच में उन्होनें 39.68 की औसत से 5238 रन बनाए । वहीं, 37 टी-20 मैच में उन्होंने 27.41 के औसत से 932 रन बनाए और इनमें उनका स्ट्राइक रेट 119.02 रहा । इंडियन प्रीमियर लीग में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। आईपीएल के कई सीजन में उन्होंने कोलकाता नाइट राईडर टीम की कप्तानी की है।गंभीर 2008 में अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। गंभीर आईसीसी टेस्ट प्लेयर ऑफ द इयर का अवॉर्ड भी जीत चुके हैं।


संन्यास के मुद्दे पर बात करते हुए एक बार गंभीर ने कहा कि उन्हें क्रिकेट से खुशी मिलती है। जिस दिन लगेगा कि खेल के साथ लगाव खत्म हो गया है, तो मैं खुशी-खुशी संन्यास ले लूंगा। गंभीर ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में खेला था। गौतम गंभीर ने 1999 में रणजी ट्रॉफी के साथ अपने क्रिकेट करियर का आगाज किया था और साल 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आगाज किया था। इसके बाद उन्हें आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स का कप्तान बनने का मौका भी मिला जहां वो दो बार अपनी टीम को चैंपियन बनाने में सफल रहे।