
नई दिल्ली। हर क्रिकेटर की ये दिली ख्वाहिश होती है कि जब वो रिटायरमेंट का ऐलान करे तो आखिरी मैच में एक यादगार पारी की वजह से उसे हमेशा याद रखा जाए। महान से महान क्रिकेटर इस ख्वाहिश को पूरा करने में नाकाम रहे हैं, लेकिन जिंबाब्वे के कप्तान हैमिल्टन मसाकाद्जा (Hamilton Masakadza) की ये ख्वाहिश जरूर पूरी हो गई। दरअसल, शुक्रवार को उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ अपने करियर का आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला। इस मैच में उन्होंने एक यादगार पारी खेली।
तूफानी पारी खेल अपनी टीम को दिलाई जीत
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में हैमिल्टन मसाकाद्जा ने 42 गेंदों में ताबड़तोड़ 71 रन की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के मारे। मसाकाद्जा की पारी की बदौलत ही जिंबाब्वे ने अफगानिस्तान को पहले टी20 में 7 विकेट से हरा दिया। मसाकाद्जा का करियर 18 साल चला।
जिम्बाब्वे के हैं सबसे बेस्ट खिलाड़ी
आपको बता दें कि 36 साल के हैमिल्टन जिम्बाब्वे के इकलौते खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 300 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेले हैं। साथ ही टी 20 क्रिकेट में जिम्बाब्वे की तरफ से 1000 से ज्यादा रन बनाने वाले वो जिम्बाब्वे के पहले खिलाड़ी हैं। मसाकाद्जा ने अपने करियर में 38 टेस्ट मैच भी खेले हैं, जिसमें उन्होंने 30.04 की औसत से 2223 रन बनाए हैं।टेस्ट में उनके नाम पर पांच शतक हैं और उनका बेस्ट स्कोर 158 रन है।
Updated on:
21 Sept 2019 09:08 am
Published on:
21 Sept 2019 08:21 am
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