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विराट कोहली ने इन लफ्जों में हार्दिक पांड्या की तारीफ, कह दी ये बड़ी बात

  -पांड्या बेशक गेंद से अपना योगदान नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन बल्ले से वह टीम के लिए पूरी जान लगा रहे हैं।-कोहली ने कहा कि पांड्या को 2016 में टीम में शामिल करना उनकी क्षमता थी। वह स्वाभाविक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं।-हार्दिक अब वह काफी अनुभवी खिलाड़ी हो गए हैं। अगले चार-पांच वर्षों में वह मध्यक्रम में अच्छे बल्लेबाज बन सकते हैं।

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नई दिल्ली। भारतीय कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) का मानना है कि ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (hardik pand) अब भारत के लिए बेहतरीन मैच फिनिशर (Match Finisher) बनते जा रहे हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि ऑलराउंडर द्वारा फिनिशर की भूमिका निभाने से भारत को किसी भी परिस्थिति में मैच जीतने में मदद मिलती है। पांड्या (Pandya) बेशक गेंद से अपना योगदान नहीं दे पा रहे हों, लेकिन बल्ले से वह टीम के लिए पूरी जान लगा रहे हैं।

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सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एसीसीजी SCG) पर रविवार को उन्होंने 22 गेंदों पर नाबाद 42 रनों की पारी खेल भारत को ऑस्ट्रेलिया (Australia) के खिलाफ हारते हुए मुकाबले में छह विकेट से जीत दिलाई। इस जीत के बाद भारत (India) ने तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। कोहली ने मैच के बाद कहा, पांड्या को 2016 में टीम में शामिल करने का कारण उनकी क्षमता थी। वह स्वभाविक प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। उन्हें अब समझ आ रहा है कि फिनिशर की भूमिका में खुद को ढालने का यह सही समय है।

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उन्होंने कहा, आईपीएल और भारत के लिए कई सारे टी20 मैच खेलने के बाद अब वह काफी अनुभवी खिलाड़ी हो गए हैं। अगले चार-पांच वर्षों में वह मध्यक्रम में अच्छे बल्लेबाज बन सकते हैं जोकि कहीं भी मैच जिता सकता है। आपको फिनिशर होने की जरूरत है और वह हमारे लिए यही बन रहे हैं। पांड्या ने हाल में वनडे सीरीज में गेंदबाजी नहीं की थी। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह एक बल्लेबाज के तौर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। वनडे सीरीज में उन्होंने दो बार 90 के आसपास का स्कोर किया था।

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यह पूछे जाने पर कि आप खुद को एक बल्लेबाज मानते हैं या फिनिश, तो पांडया ने कहा कि वह किसी भूमिका को ध्यान में रखकर नहीं खेलते। उन्होंने कहा कि वह परिस्थितियों के अनुसार खेलते हैं। पांडया ने मैच के बाद कहा, ईमानदारी से कहूं तो मेरे लिए यह मायने नहीं रखता है। मैं हमेशा परिस्थिति के अनुसार खेलता हूं। मैं टीम की जरूरतों के हिसाब से खेलता हूं।

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