
ICC Champions Trophy Story: भारत के पूर्व ऑलराउंडर सुरेश रैना ने बताया कि कैसे दुनिया ने 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के अभियान के दौरान 'धोनी रिव्यू सिस्टम' के जन्म को देखा। जियो हॉटस्टार के द सुरेश रैना एक्सपीरियंस के स्पेशल एपिसोड में रैना ने टीम इंडिया की गेंदबाजी के दौरान एमएस धोनी की रणनीति के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कैसे विकेटकीपर बल्लेबाज ने सटीक डीआरएस कॉल, आक्रामक फील्ड सेटअप और निडर फैसलों के साथ टीम को सफलता दिलाई।
रैना ने कहा, "ओवल बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच थी। लेकिन अगर आप वेल्स के मौसम को देखें, तो आपको आसमान के साथ-साथ पिच पर भी नज़र डालनी होगी। यहीं से धोनी रिव्यू सिस्टम की शुरुआत हुई। उन्होंने जो भी डीआरएस लिया, वह सही था। उन्हें स्टंप के पीछे कैच लेते हुए देखिए। सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने फील्ड पर आक्रामक तरीके से खेला। विराट कोहली स्लिप में थे, अश्विन लेग स्लिप पर थे और धोनी स्टंप के पीछे थे। उन्हें पता था कि दबाव कैसे बनाया जाता है। यह टी20 क्रिकेट का उदय था, जहां खिलाड़ी हमेशा आक्रमण करने की कोशिश करते थे। उनका मास्टरस्ट्रोक स्पिनरों को लाना और उन्हें आक्रमण करने के लिए चुनौती देना था।"
उस मैच में रवींद्र जडेजा की शानदार गेंदबाजी को रैना ने सराहा, जिन्होंने 36 रन देकर 5 विकेट चटकाए थे। रैना ने कहा, "जडेजा और अश्विन ने बेहतरीन गेंदबाजी की। धोनी जानते थे कि विपक्षी टीम स्पिनरों को मात देने की कोशिश करेगी। जडेजा की बेहतरीन गेंदबाजी की तारीफ करनी होगी। उन्होंने स्टंप पर अपनी पकड़ बनाए रखी और एक अलग तरह के ऑलराउंडर बन गए। जडेजा उस साल सभी फॉर्मेट में बेहतरीन फॉर्म में थे। अगर विकेट सूखा होता तो वे और भी घातक हो जाते थे। वे तेज गति से गेंदबाजी कर सकते थे, जो बल्लेबाजों के लिए घातक होता था।"
रैना ने कहा, "वह तेज स्पिन और सीधी गेंदें फेंकते थे और एमएस जानते थे कि अगर जड्डू 60 में से 35-40 गेंदें स्टंप पर फेंक देते हैं, तो वह पांच विकेट ले लेगा।" उस टूर्नामेंट में विराट कोहली, रोहित शर्मा और रैना जैसे भारतीय बल्लेबाज भी शामिल थे, जिन्होंने जब भी कप्तान को जरूरी लगा, गेंदबाजी की। रैना ने कहा, "विराट एक बेहतरीन बल्लेबाज हैं, लेकिन जब तक उनकी पीठ में जकड़न नहीं हुई, तब तक उन्हें गेंदबाजी करना बहुत पसंद था। अगर आप धीमी गति के मध्यम गति के गेंदबाज हैं, तो इंग्लैंड में गेंदबाजी करना मजेदार है। विराट जानते थे कि वह 3-4 ओवरों में योगदान दे सकते हैं। आपको कप्तान के तौर पर एमएस धोनी को श्रेय देना होगा। वह जानते थे कि पार्ट-टाइम गेंदबाजों से ओवर कैसे निकलवाए जाते हैं।"
उन्होंने आगे बताया कि कैसे धोनी और उस समय मैनेजमेंट ने सुनिश्चित किया कि गैर-विशेषज्ञ गेंदबाज हमेशा योगदान देने के लिए तैयार रहें, जो टीम के मुख्य गेंदबाजी आक्रमण के लिए मददगार हो। उस समय टीम के पास पांच फ्रंटलाइन गेंदबाज थे, इशांत शर्मा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा। उसके बाद, आपके पास विराट, रोहित और रैना थे जो 2-3 ओवर डाल सकते थे। रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम 20 फरवरी को दुबई में बांग्लादेश के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी अभियान की शुरुआत करेगी।
Updated on:
18 Feb 2025, 5:07 PM IST
Published on:
18 Feb 2025, 5:07 PM IST
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