4 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

IND vs NZ 2nd Test: 4331 दिन, 12 साल और 18 सीरीज के बाद न्‍यूजीलैंड ने तोड़ा भारत का ‘चक्रव्यूह’, 2-0 से सीरीज पर किया कब्जा

IND vs NZ 2nd Test: रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम को पहली हार मिली है। वह इससे पहले 5 सीरीज में अजेय रहे थे।

3 min read
Google source verification
IND vs NZ 2nd Test

IND vs NZ 2nd Test: बाएं हाथ के स्पिनर मिचेल सैंटनर (106 रन पर 6 विकेट) की घातक गेंदबाजी की बदौलत न्यूज़ीलैंड ने भारत को दूसरे टेस्ट में शनिवार को तीसरे दिन 113 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बनाने के साथ भारतीय जमीन पर अपनी पहली सीरीज जीत हासिल कर ली। भारत को 359 रनों का लक्ष्य मिला था लेकिन भारतीय टीम 60.2 ओवर में 245 रन पर सिमट गयी। भारतीय टीम 12 साल बाद घर पर टेस्ट सीरीज़ हार गई है। यह हार 4331 दिन बाद आई है। भारत 18 सीरीज के बाद घर पर हारा है। पुणे टेस्ट के तीसरे दिन अच्छी शुरुआत के बावजूद भारतीय बल्लेबाज़ी मिचेल सैंटनर की फिरकी का जवाब नहीं दे पाई और मेजबान टीम को 113 रनों से हार का सामना करना पड़ा। न्‍यूज़ीलैंड की यह भारतीय सरज़मीं पर पहली टेस्‍ट सीरीज़ जीत है। इस जीत के साथ न्‍यूज़ीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।

भारत को मिला था 359 का लक्ष्य

तीसरे दिन रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन की जोड़ी द्वारा न्यूज़ीलैंड को सस्ते में समेटे जाने के बाद भारत को 359 रनों का लक्ष्य मिला था। रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल की सलामी जोड़ी ने आक्रामक अप्रोच के साथ बल्लेबाज़ी शुरू की और शुरुआत में ऐसा प्रतीत हुआ कि भारतीय बल्लेबाज़ों ने पहली पारी में अपनी ग़लतियों से सीख ली है। रोहित और जायसवाल दोनों ने कदमों का इस्तेमाल किया और स्पिन को जवाब देने के लिए स्वीप शॉट भी खेले हालांकि रोहित जल्द ही आउट हो गए लेकिन पहले सत्र की समाप्ति तक भारत एक विकेट के नुक़सान पर 81 रन तक पहुंच चुका था। जायसवाल अर्धशतक के क़रीब थे और शुभमन गिल के साथ मिलकर भारत की रन गति छह रन प्रति ओवर से अधिक की रन गति की ओर ले गए थे। भारत को मैच में ड्राइविंग सीट पर आने के लिए सिर्फ़ एक अच्छे सत्र की दरकार थी लेकिन दूसरा सत्र नाटकीय तौर पर न्यूज़ीलैंड के पक्ष में चला गया और इसके सूत्रधार सैंटनर बने।

गिल के पवेलियन लौटने के बाद जायसवाल भी अधिक देर तक नहीं टिक पाए। दोनों ही बल्लेबाज़ डिफ़ेंस करने के प्रयास में स्लिप में लपके गए। अब यहां से मैच को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी विराट कोहली और ऋषभ पंत के ऊपर थी। हालांकि पंत हड़बड़ी का शिकार हुए और रन आउट हो गए। यह विकेट भारत पर मनोवैज्ञानिक दबाव डालने के लिए पर्याप्त था। तीन विकेट ले चुके सैंटनर ने ही बैकवर्ड प्वाइंट से एक बढ़िया थ्रो स्ट्राइकर एंड पर फेंक कर पंत के लिए पवेलियन का मार्ग प्रशस्त किया। इसके बाद भारत की रन गति भी धीमी पड़ने लगी और स्पिन भी काफ़ी हरकत करने लगी थी। कोहली भी ज़्यादा देर टिक नहीं पाए और आगे की गेंद को पीछे खेलने के क्रम में पगबाधा हो गए। उन्होंने रिव्यू लिया लेकिन अंपायर्स कॉल के चलते उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। हालांकि डीआरएस कीवी टीम के लिए भी आज अधिक मेहरबान नहीं रहा और जायसवाल के ख़िलाफ़ दो बार पगबाधा की अपील पर लिया गया डीआरएस असफल रहा था।

सरफराज भी नहीं कर पाए कमाल

पिछले टेस्ट में शतक लगाने वाले सरफ़राज़ ख़ान इस बार सैंटनर की लूप में फंस गए और डिफ़ेंस से चूकते हुए बोल्‍ड हो गए। यहां से अब भारत पर 12 साल बाद घर में सीरीज़ हारने का ख़तरा मंडराने लगा था, जिसे कुछ देर तक अश्विन और जडेजा की जोड़ी ने बचाए रखा। दोनों ने 75 गेंद में 39 रन जोड़े और जैसे ही अश्विन आउट हुए हार अधिक दूर नहीं दिखी। सैंटनर ने पहली पारी में सात और दूसरी पारी में छह विकेट समेत पूरे मैच में कुछ 13 विकेट अपने नाम किए।

ये भी पढ़ें: पुणे में भारत के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड, WTC के फाइनल पर नहीं पड़ेगा कोई असर