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T20 World Cup 2026: जिम्बाब्वे ने भी पकड़ ली भारतीय बल्लेबाज़ों की कमजोरी! किया सीक्रेट प्लान तैयार! क्या होगा उलटफेर?

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप में आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच 'करो या मरो' का मुकाबला है। जिम्बाब्वे के इस खिलाड़ी ने टीम इंडिया की एक ऐसी कमजोरी की ओर इशारा किया है जिसने सबकी धड़कनें बढ़ा दी हैं। क्या आज चेपॉक में स्पिन के जाल में फंस जाएगी टीम इंडिया...

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भारत

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Anshika Verma

Feb 26, 2026

T20 World Cup 2026, India vs Zimbabwe

जिम्बाब्वे टीम और भारतीय टीम (photo - instagram/@t20worldcup)

IND vs ZIM: चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आज भारत और जिम्बाब्वे के बीच T20 वर्ल्ड कप 2026 का करो या मरो वाला मुकाबला होना है। दोनों टीमें अपने पिछले मैच हार कर आई हैं। भारत साउथ अफ्रीका के खिलाफ और जिम्बाब्वे वेस्टइंडीज के खिलाफ, इसलिए सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए आज जीतना बहुत जरूरी है।

भारत की कमजोरी है ऑफ-स्पिन

इस वर्ल्ड कप में एक बात साफ दिखी है भारत का टॉप ऑर्डर ऑफ-स्पिनर के सामने संघर्ष कर रहा है। आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि विपक्षी टीमों ने भारत की इस कमजोरी को पकड़ लिया है।

कैटेगरीआंकड़े
रन रेटभारत सिर्फ 6.23 की औसत से रन बना पाया है।
तुलनासिर्फ नेपाल और ओमान ही भारत से धीमा खेले हैं। बाकी टीमें 8+ की रेट से रन बना रही हैं।
बैटिंग औसतऑफ-स्पिन के खिलाफ भारत का औसत सिर्फ 13.25 है, यानी विकेट लगातार गिर रहे हैं।

पिछले मैच में साउथ अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्क्रम ने भारत के तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों (ईशान, अभिषेक और तिलक) को सिर्फ 5 रन दिए थे।

जिम्बाब्वे का मास्टरप्लान तैयार

जिम्बाब्वे के ऑल-राउंडर रयान बर्ल ने मैच से पहले कहा कि उन्हें भारत की इस कमजोरी का पता है। बर्ल ने कहा, 'हमने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है। मैं अपनी रणनीति का खुलासा तो नहीं करूंगा, लेकिन हमें पता है कि टीम इंडिया कहां फंस रही है। हमारे पास हर तरह के गेंदबाज हैं। लेफ्ट आर्म पेसर, राइट आर्म पेसर, लेग स्पिनर और ऑफ-स्पिनर। हम पिच और बल्लेबाज के हिसाब से अपनी चाल चलेंगे।' बर्ल का मानना है कि चेन्नई की पिच स्पिनर्स को मदद करती है, और जिम्बाब्वे के पास वैरायटी है जो भारत के पावरप्ले के अटैक को रोक सकती है।

दोनों के लिए फाइनल जैसा है यह मैच

भारत भले ही अपने घर में खेल रहा हो और फेवरेट हो, लेकिन दबाव दोनों पर है। बर्ल के मुताबिक, वर्ल्ड कप के ऐसे बड़े मैचों में दबाव अच्छे-अच्छों को हिला देता है। जिम्बाब्वे को बहुत कम मौके मिलते हैं भारत में खेलने के, इसलिए वो इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते।

कोच की सोच

जहां एक तरफ जिम्बाब्वे हार से सीखकर वापसी करना चाहता है, वहीं टीम इंडिया के बैटिंग यूनिट को यह साबित करना होगा कि वो स्पिन के इस जाल को तोड़ सकते हैं। अगर शुरुआती विकेट नहीं गिरे, तो भारत के पास गहराई है, लेकिन अगर स्पिनर्स हावी हो गए, तो मुश्किल बढ़ सकती है।