IND vs ZIM T20i Series: युवा भारतीय टीम इस समय जिम्बाब्वे में पांच मैचों की टी20 सीरीज खेल रही है। इस मौके पर 90 के दशक की जिम्बाब्वे टीम के उन खिलाड़ियों के बारे में आपको बताते हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ बहुत शानदार प्रदर्शन किया।
IND vs ZIM T20i Series: जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम एक ऐसी टीम रही है, जिसका खेल समय के साथ निखरने की बजाए और ज्यादा खराब हुआ है। जिम्बाब्वे टीम ने जिस तरह से 90 के दशक में अपने क्रिकेट में बड़े सुधार करते हुए कमजारे टीम की इमेज से बाहर आते हुए दिग्गज टीमों को टक्कर देनी शुरू की थी, उस हिसाब से आज देखा जाए तो टीम की स्थिति काफी निराशाजनक है। भारत के टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद सीनिसर खिलाड़ी आराम कर रहे हैं तो युवा भारतीय टीम इस समय जिम्बाब्वे में पांच मैचों की टी20 सीरीज खेल रही है। इस मौके पर 90 के दशक की जिम्बाब्वे टीम के उन खिलाड़ियों के बारे में आपको बताते हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ बहुत शानदार प्रदर्शन किया।
सबसे पहले बात करते हैं एंडी फ्लावर की, जो न केवल जिम्बाब्वे के, बल्कि दुनिया के बेस्ट विकेटकीपर बल्लेबाजों में एक रहे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने भारत के खिलाफ 2436 रन बनाए, जिसमें 1138 रन टेस्ट में और 1298 रन वनडे में बनाए। खास बात ये है कि उस समय टी20 क्रिकेट नहीं होता था। एंडी फ्लावर को आउट करना टीम इंडिया के लिए अक्सर बड़ा सिरदर्द रहता था। उन्होंने अपनी बेस्ट पारी भी भारत के खिलाफ खेली है, तब एंडी फ्लावर ने साल 2000 में नागपुर में 444 गेंदों पर 232 रन बनाए थे।
उस समय की जिम्बाब्वे टीम में फ्लावर बंधुओं का बोलबाला था। एक तरफ एंडी फ्लावर ने भारतीय टीम को परेशान किया तो उनके भाई ग्रांट फ्लावर ने बल्लेबाजी के अलावा गेंदबाजी में भी भारतीय टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। ग्रांट बाएं हाथ के स्पिनर और दाएं हाथ के बढ़िया बल्लेबाज थे और उन्होंने भारत के खिलाफ 1730 रन बनाने के अलावा 25 विकेट भी हासिल किए।
हीथ स्ट्रीक जिम्बाब्वे के महानतम तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर थे। उनकी स्विंग गेंदों का सामना करना तब आला बल्लेबाजों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता था। दाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने भारत के खिलाफ 69 विकेट लेने के अलावा 807 रनों का भी योगदान दिया। एंडी फ्लावर की तरह स्ट्रीक की बेस्ट टेस्ट गेंदबाजी भारत के खिलाफ आई, तब उन्होंने 2005 में 73 रन देकर 6 विकेट लिए थे। हीथ स्ट्रीक अपनी टीम के प्रभावशाली कप्तान भी थे।