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IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाथ में काली पट्टी बांधकर उतरेगी भारतीय टीम, जानें क्या है वजह?

IND vs AUS: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व रणजी ट्रॉफी स्टार और मुंबई क्रिकेट के दिग्गज पद्माकर शिवालकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। शिवालकर का सोमवार को उम्र संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया।

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भारत

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Siddharth Rai

Mar 04, 2025

India vs Australia, Champions Trophy 2025, Semi Final: आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का पहला सेमीफ़ाइनल मुक़ाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा है। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले का रहे इस मैच में भारतीय टीम हाथ में काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरेगी। क्योंकि बीती रात भारतीय क्रिकेट जगत के महान स्पिनर पद्माकर शिवलकर ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। ऐसे में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भारतीय प्लेयर्स हाथ में काली पट्टी बांधकर मैदान पर उतरेंगे।

मैच से पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पूर्व रणजी ट्रॉफी स्टार और मुंबई क्रिकेट के दिग्गज पद्माकर शिवालकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। शिवालकर का सोमवार को उम्र संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया। शिवालकर का नाम रणजी ट्रॉफी के इतिहास में दर्ज है, जहां उन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक शानदार करियर का आनंद लिया। 124 प्रथम श्रेणी मैचों में, उन्होंने 19.69 की उल्लेखनीय औसत से 589 विकेट लिए।

बीसीसीआई ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, "भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पद्माकर शिवालकर के दुर्भाग्यपूर्ण निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है, जिनका निधन 3 मार्च, 2025 को हुआ। महान बाएं हाथ के स्पिनर भारतीय घरेलू क्रिकेट के दिग्गज थे, जो अपने अद्वितीय कौशल और खेल के प्रति समर्पण के लिए प्रसिद्ध थे।"

बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने दिवंगत स्पिनर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "भारतीय क्रिकेट ने आज एक सच्चे दिग्गज को खो दिया है। पद्माकर शिवालकर की बाएं हाथ की स्पिन पर महारत और खेल की उनकी गहरी समझ ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में एक सम्मानित व्यक्ति बना दिया। मुंबई और भारतीय क्रिकेट के लिए उनके असाधारण करियर और निस्वार्थ योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।"

सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, "शिवालकर सर क्रिकेटरों की कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत थे। खेल में उनकी निरंतरता, कौशल और दीर्घायु वास्तव में उल्लेखनीय थे। भले ही उन्होंने भारत के लिए नहीं खेला हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट पर उनका प्रभाव, खासकर मुंबई में, निर्विवाद है।"

अपनी प्रतिभा के बावजूद, शिवालकर को कभी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिला, क्योंकि उनका समय दिग्गज बिशन सिंह बेदी के समय का था। हालांकि, भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को अनदेखा नहीं किया जा सका। 2017 में, उन्हें प्रतिष्ठित कर्नल सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया, जो घरेलू क्रिकेट पर उनके अपार प्रभाव को मान्यता देता है।